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भारत की तरक्की से चिंतित न हों:ब्राउन

ब्रिटिश प्रधानमंत्री गार्डन ब्राउन न दुनिया भर की अर्थव्यवस्था मं मंदी और चीन व भारत क आर्थिक शक्ति क रूप मं उभरन क दोहर दबावोंक बावजूद अमरिका और यूरोप स व्यापार बाधाओं को हटान का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि भारत और चीन तेजी से आगे बड़ रहे हैं, लेकिन इसके लिए चिंतित होने की जरूरत नहीं है। ब्राउन ने इस महीन संभावित विश्व व्यापार वार्ता स पहल इन दशों को व्यापार बाधाएं कम करन और कृषि उत्पादों पर सहायता बंद करन को कहा है। कृषि सब्सिडी का गरीब दशों पर खराब प्रभाव पड़ता है। ब्राउन न कहा कि 2015 तक मुक्त व्यापार स प्राप्त होन वाला लाभ 300 अरब डालर तक पहुंच सकता है जो दुनिया भर की आय का 0.6 प्रतिशत है। उन्होंन चतावनी दी कि यदि अगल कुछ हफ्तों मं व्यापार समझौता नहीं हुआ तो आन वाल वर्षो मं इसकी संभावना काफी कम है। ब्राउन न 300 उद्योगपतियों क समक्ष दिए गए अपन भाषण मं कहा कि मौजूदा र्का संकट और खाद्यान्नों की बढ़ती कीमतों क साथ ही एशिया खासकर चीन और भरत क उदय क कारण भी विकसित दश संरक्षणवादी होत जा रह हैं। कुछ बड़ उद्योग जस आईबीएम, कोरस, जगुआर और लैंड रोवर अब एशिया और अरब क लोगों क पास हैं। चीन और भारत क निवशक बहुराष्ट्रीय कंपनियों मं निवश कर रह हैं। भारत और चीन कवल निचल स्तर पर ही नहीं, बल्कि उच्च कुशलता वाल रोगार मं भी आग आ रह हैं। ब्राउन क अनुसार, हर वर्ष दस लाख उत्पादन एवं निर्माण कार्यो क रोगार और ढाई लाख पशेवरां की नौकरियां यूरोप-अमरिका स एशिया क लोगों क पास जा रही हैं। इन सबक बावजूद अगल बीस सालों मं विश्व अर्थव्यवस्था क दोगुना होन की संभावना है। इसस लाखों लोगों को रोगार मिलन की संभावना है। उन्होंन कहा कि भारत और चीन दुनिया क तीसर और पांचवं सबस बड़ उपभोक्ता बाजार हैं। आन वाल समय मं भी वह हमस माल खरीदन वाल बन रहंग।ं

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