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मगध व लोकमान्य: सुपरफास्ट या सुपरस्लो एक्सप्रेस

सुपरफास्ट एक्सप्रस या सुपरस्लो। मगध एक्सप्रस व लोकमान्य सुपरफास्ट की रफ्तार देख तो यही प्रतीत हो रहा है जैसे ये दोनों सुपरफास्ट नहीं सुपरस्लो एक्सप्रस हैं। हफ्तेभर से इन ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रक लगा हुआ है। समय पर पहुंचना तो भूल ही गयी हैं ये ट्रनें। इन ट्रनों के हफ्तेभर के दौरान पटना पहुंचने के समय पर गौर किया जाए तो पता चल जाता है कि दोनों ट्रनें कितनी सुपरफास्ट हैं। कभी शान की सवारी कही जाने वाली मगध तीन से साढ़े सात घंटे तक लेट आयी हैं तो मायानगरी पहुंचाने व लाने वाली मुंबई-पटना लोकमान्य सुपरफास्ट 8 से 16 घंटे लेट पहुंची है।ड्ढr ड्ढr सुबह 11 बजे पटना पहुंचने के बदले मगध शाम 4 से 5 बजे के बीच पहुंच रही है तो लोकमान्य सुपरफास्ट सुबह पांच बजे के बदले दोपहर एक बजे तो कभी रात 8 बजे पहुंचती है। यात्रियों की क्या दुर्गत होती होगी ,समझा जा सकता है। खासकर पारा जब 40 के आसपास चल रहा हो। भीषण गर्मी में यहां-वहां रुकती चलने वाली इन ट्रनों में महिलाओं व बच्चों की तो बुरी गत बन जाती है। मुगलसराय तक ठीकठाक आने वाली ये ट्रनें बिहार की सीमा में पहुंचते ही बक्सर से लेट होने लगती है। मुगलसराय तक एक-दो घंटे लेट रहने वाली ये ट्रनें पटना आते-आते पांच से दस घंटे तक लेट हो जाती है।ड्ढr ड्ढr दूसरी ओर रल अधिकारी व कर्मचारी यात्रियों को यह नहीं बता पाते हैं कि ट्रनें क्यों लेट हैं या कितने देर में पहुंचेगी। शुरुआत में यात्रियों को इन ट्रनों के लेट होने के समय में सही-सही जानकारी नहीं दी जाती है। पहले कहा जाता कि दो घंटे लेट है। फिर इसमें धीरे-धीर वृद्धि करके जानकारी दी जाती है। इधर बुधवार को इन दोनों के रिकार्ड लेट होने के साथ ही 3040 जनता दो घंटे, 0553 स्पेशल दो सौ मिनट, 8183 टाटा सुपर दो घंटे, 23श्रमजीवी सौ मिनट, 3202 कुर्ला एक्सप्रस 200 मिनट, 3008 तूफान सवा चार घंटे, 22संघमित्रा भी दो घंटे लेट पहुंची।

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  • Web Title: मगध व लोकमान्य: सुपरफास्ट या सुपरस्लो एक्सप्रेस