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विकास कायरे पर निगाह रखेगा पंचायती राज विभागं

पंचायतों को विकास योजना तैयार करने में मदद करने वाली संस्थाओं को राशि तो दे दी गई है लेकिन उनपर लगाम कसने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।पंचायती राज विभाग ने तय किया है कि वह जिलों में अधिकारियों को भेजकर इन संस्थाओं का काम-काज देखेगा। इन संस्थाओं को प्रत्येक जिले में योजना बनाने में मदद के लिए 5-5 लाख रुपये दिए गए हैं। दरअसल कई संस्थाओं के काम को लेकर विभाग के पास शिकायतें भी पहुंच रही हैं। ऐसी ही शिकायतों के बाद विभाग ने नाबार्ड से यह काम वापस लेने का फैसला किया है। नाबार्ड के पास पटना, गया, गोपालगंज, बांका, मुंगेर, जमुई और बेगूसराय में योजनाओं को तैयार कराने की जिम्मेवारी थी लेकिन उसने इस काम में सुस्ती बरती।ड्ढr ड्ढr विभाग के प्रधान सचिव पंचम लाल ने बताया कि हैदराबाद के राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान को नालंदा, नवादा, समस्तीपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, अररिया, भोजपुर, पश्चिमी चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, औरंगाबाद, जहानाबाद (अरवल सहित), बक्सर और कटिहार की पंचायतों की जिम्मेवारी सौंपी गई है। केयर इंडिया को सीतामढ़ी, दरभंगा, पूर्णिया, सुपौल, शिवहर, शेखपुरा, किशनगंज और खगड़िया, प्रिया को मधुबनी, लखीसराय, सारण और भागलपुर तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति को रोहतास, मधेपुरा, सहरसा और कैमूर की जिम्मेवारी सौंपी गई है। विभाग ने तय किया है कि वह इन संस्थाओं के काम की मॉनिटरिंग कराएगा ताकि पता चल सके पंचायत जनप्रतिनिधि योजना बनाने के बार में सचमुच कुछ सीख पा रहे हैं या नहीं। इसके लिए अधिकारी पंचायतों का भी दौरा करंगे और सीधे जनप्रतिनिधियों से बात करंगे।

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