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महंगाई पर हर दवा नाकाम

ज्यों-यों दवा दी, मर्ज बढ़ता गया, यह कहावत फिलहाल सरकार के मंहगाई रोकने के उपायों पर सटीक बैठ रही है। महंगाई पर लगाम लगाने के तमाम सरकारी कदमों के बावजूद 1अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में मुद्रास्फीति 0.24 प्रतिशत और बढ़कर पिछले 42 माह के नए रिकार्ड 7.57 प्रतिशत पर पहुंच गई। वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम ने शुक्रवार को बेंगलुरु में कहा कि आने वाले महीनों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी के साथ ही महंगाई की रफ्तार को भी ब्रेक लगेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने मंहगाई को काबू में करने के लिए वित्त एवं मौद्रिक कदम उठाए हैं,किंतु इसके परिणामों के लिए धैर्य रखने की जरूरत है।ड्ढr ड्ढr पिछले पांच सप्ताह से लगातार सात प्रतिशत से ऊपर चल रही मंहगाई की दर आलोच्य सप्ताह के दौरान चाय, गोश्त, दूध, चावल, डीजल, लोहा, एल्यूमीनियम, कपास और मूंगफली आदि के मंहगा होने से 0.24 प्रतिशत अंक बढकर 7.33 प्रतिशत से 7.57 प्रतिशत पर पहुंच गई। हालांकि इस दौरान चना, उडद, सूरजमुखी, फलों और चीनी आदि के दामों में गिरावट का रुख भी रहा। मंहगाई की दर का वर्तमान स्तर 13 नवम्बर 2004 के 7.68 प्रतिशत के बाद का उच्चतम है।

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