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पुलिसिया जांच में अब सीआईडी भी साथ देगी

पुलिस की ऊंची कुर्सियों में फेरबदल के साथ अपराध को नियंत्रित करने का फामरूला भी बदल रहा है। अनुसंधान, अपराध नियंत्रण और अपराधियों की धर-पकड़ के बोझ से दबी पुलिस में नई जान फूंकी जाएगी। नए ट्रंड में सीआईडी को पुलिसिया अनुसंधान से सीधे जोड़ने की तैयारी है। अनुसंधान में वर्दीधारियों के साथ अब सादे लिबास वाले भी खड़े दिखेंगे। पहला प्रयोग कोसी एक्सप्रस डकैती के मामले में हुआ और ऑपरशन सफल रहा। मामले से जुड़े कई अपराधी दबोच लिए गए। संयुक्त अभियान की इस सफलता को आगे बढ़ाने की तैयारी चल रही है। आपराधिक घटनाओं की जांच में अब नये ट्रंड की शुरूआत की जा रही है। खासबात यह है कि खाकी वर्दी के साथ अब सादे लिबास वाले भी अनुसंधान में अपना ब्रन इस्तेमाल करंगे। परदे के पीछे से अपराध की जड़ तक पहुंचने वाली सीआईडी अब वर्दीधारियों के साथ अपराधियों से सीधा भिड़ने को तैयार हो रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बिहार में यह बिलकुल नया ट्रंड है। मकसद बस इतना है कि वारदात का पूरी सटीकता से अनुसंधान और उस अपराधी को ही दबोचना है जिसने जुर्म किया है। अधिकारी मानते हैं कि ज्वाइंट ऑपरशन की नई शुरूआत से किसी भी वारदात को बेहतर ढंग से समझने और दोषियों तक पहुंचने में काफी मदद मिलेगी। उद्योगमंत्री हों बर्खास्त : राजदड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राजद ने मुख्यमंत्री से उद्योग मंत्री दिनेशचंद्र यादव को मंत्री पद से बर्खास्त कर उनपर और उनके समर्थकों पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। दल के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्याम राक और प्रांतीय महासचिव डा. निहोरा प्रसाद यादव ने कहा है कि सहरसा में मंत्री श्री यादव और उनके समर्थकों ने अभिनन्दन के नाम पर हथियारों का प्रदर्शन किया। स्वागत में सैकड़ों चक्र गोलियां प्रशासन के सामने चलाई गई। यह आपराधिक मामला है और इसके बावजूद इस मामले में न तो अब तक उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है, न शस्त्रों की जब्ती की गई है और न ही उनकी अनुज्ञप्ति रद्द की गई है। उन्होंने कहा है कि आंखों के सामने गैरकानूनी काम होने के बावजूद कोई भी कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ भी आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। दल ने कहा है कि मंत्री की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में सुशासन के नाम पर भय व आतंक का वातावरण पैदा किया जा रहा है। सीवान के एस्टीमेटर की बर्खास्तगी का आदेशड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राज्य सरकार ने सीवान जिला परिषद में जिला अभियंता के प्रभार में 20 वर्षो से काम कर रहे आगणक (एस्टीमेटर) धनंजय मणि तिवारी की नियुक्ित को अवैध करार देते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया है। पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव पंचम लाल ने अपने आदेश में कहा है कि श्री तिवारी की नियुक्ित जिस आगणक के पद पर की गई थी वह अस्तित्व में ही नहीं है। इस परिस्थिति में श्री तिवारी की नियुक्ित अवैध है और उनका सेवारत रहना भी अवैध है। लिहाजा श्री तिवारी को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उनकी सेवारत अवधि को भी राज्य सरकार ने अवैध करार दिया है। श्री लाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार धनंजयमणि तिवारी की नियुक्ित जिला अभियंता की अनुशंसा पर सीवान जिला परिषद के उपविकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने की थी। उनकी नियुक्ित 30 जून 1ो दैनिक वेतन पर आगणक के पद पर की गई थी जबकि ग्रामीण विकास विभाग ने 10 में ही सीवान जिला परिषद में आगणक का पद खत्म कर सहायक अभियंता का पद सृजित किया था। स्पष्ट है कि श्री तिवारी की नियुक्ित के समय सीवान जिला परिषद में आगणक का कोई सृजित पद नहीं था। फिर भी 1में जिला परिषद की स्थापना समिति की बैठक में श्री तिवारी को आगणक के पद पर नियमित कर दिया गया।ं

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