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बाढ़ से निपटने को बन रही रणनीति

राज्य सरकार ने बाढ़ की आशंका से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। खासकर बाढ़पीड़ित जिलों में बाढ़ के पहले और बाढ़ आने पर क्या कुछ किया जाना है, इसकी रणनीति बनायी जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को चेकलिस्ट बनाकर तुरंत कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को यह स्पष्ट कहा गया है कि बाढ़ आने के पहले पूरी तैयारी कर लें और बाढ़ आने पर प्रशासन को उस स्थिति में होना चाहिए कि वह बाढ़पीड़ितों को तत्काल आवश्यक सहायता मुहैया कराए। 15 मई तक सभी तटबंधों का निरीक्षण और जिन स्थानों पर तटबंधों के सुदृढ़ीकरण और मरम्मति की आवश्यकता हो वहां जल संसाधन विभाग का ध्यान अविलंब दिलाने का निर्देश दिया गया है।ड्ढr ड्ढr जल संसाधन विभाग को कहा गया है कि 15 मई तक वह अपने पदाधिकारियों से तटबंधों की स्थिति पर रिपोर्ट लेकर 30 जून तक जहां जरूरत हो उसे दुरुस्त कर दे। साथ ही चिह्न्ति जगहों पर खाली बोर और बालू की व्यवस्था कर ताकि जरूरत पड़ने पर तटबंधों की सुरक्षा का कार्य तत्काल किया जा सके। नदियों में उफान आने पर तटबंधों की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग के लिए चौकीदार और होमगार्ड की सेवाएं लेने को कहा गया है। पेट्रोलिंग टीम में जल संसाधन विभाग के अलावा अन्य विभागों के जूनियर इंजीनियरों को शामिल किया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा तटबंधों को काटने की आशंका बनी रहती है। ऐसा न हो, यह पेट्रोलिंग पार्टी को सुनिश्चित करना होगा। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वर्षा शुरू होने के साथ ही जल स्तर में बढ़ोतरी की रिपोर्ट प्रतिदिन प्राप्त करं। इसके लिए पुलिस वायरलेस का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही सरकारी नावों की मरम्मति और प्राइवेट नावों का ब्योरा लेकर उसे सत्यापित करने का निर्देश दिया गया है।

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