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टीटीपीएस भी बदहाल

तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन राज्य का दूसरा सबसे बड़ा थर्मल पावर प्लांट है। 1से इसकी 420 मेगावाट क्षमता की दो यूनिट बिजली उत्पादन कर रही है। प्रत्येक यूनिट की उत्पादन क्षमता 210 मेगावाट है। दोनों यूनिटों का प्लांट लोड फैक्टर औसतन 74 प्रतिशत रहा है। दस साल बीत गये इस थर्मल पावर स्टेशन का विस्तार तो हो नहीं पाया, उलटे इसकी दो में से एक यूनिट 31 मई 2007 से खराब है। इसका असर राज्य के बिजली उत्पादन और आपूर्ति पर पड़ रहा है। राज्य को 210 मेगावाट बिजली नहीं मिल पा रही है। टीटीपीएस की एक यूनिट के टर्बाइन में खराबी आ गयी है। इसे दुरुस्त करने में एक साल का वक्त जाया हो गया।ड्ढr टीटीपीएस के मुख्य अभियंता पीएन सिंह ने हिन्दुस्तान को बताया कि टरबाइन के कुछ पार्ट्स मंगाये जा रहे हैं। इस यूनिट के चालू होने में अभी एक महीने का और वक्त लगेगा। उनके मुताबिक 10 जून के आसपास मरम्मत हो पायेगी। तब तक गरमी का मौसम बीत जायेगा। राज्य में जब कभी बिजली की किल्लत होती है, तब एसे संकट समस्या और बढ़ाते हैं। तेनुघाट थर्मल के विस्तारीकरण की योजना खटाई में डूब गयी है। सत्ता परिवर्तन का भी इस परियोजना पर असर पड़ा है। कमीशन तय नहीं होने के कारण टीटीपीएस के विस्तार की योजना को सरकारी मंजूरी नहीं मिल पायी है। आनेवाले दिन में फिलहाल इसकी कोई संभावना भी नहीं दिखायी दे रही है।ड्ढr

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