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बुश ने भी भारतीयों को भुक्खड़च कहा

अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडालिजा राइस के बाद अब राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने भी चीनी और भारतीय नागरिकों को ‘भुक्खड़’ कहा है। उन्होंने दुनिया भर में अनाज की महँगाई के लिए दोनों देशों को जिम्मेदार ठहराया है। बुश से बयान से खफा भारत सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों ने शनिवार को कहा कि बुश को अर्थशास्त्र की जानकारी नहीं है और उनका आकलन सरासर गलत है।ड्ढr मिस्सौरी में एक कार्यक्रम में बुश ने कहा कि भारत दिन पर दिन समृद्ध हो रहा है, यह अच्छी बात है लेकिन पैसा आने से वहाँ लोग खाने पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं। पौष्टिक भोजन की माँग बढ़ गई है। इसीलिए अनाज की कीमतें आसमान छू रही हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत में 35 करोड़ लोग ऐसे हैं जो मध्य वर्ग में आते हैं। यह तादाद अमेरिका की कुल जनसंख्या से ज्यादा है। इस मध्य वर्ग की आमदनी बढ़ रही है। जब आप समृद्ध होंगे तो अधिक पौष्टिक और अच्छे भोजन की माँग करंगे, इसलिए माँग में उछाल आना तय है। इससे कीमतें भी बढ़ेंगी।’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और चीन जैसे विकासशील देश खुशहाल हो रहे हैं।ड्ढr इससे पहले विदेश मंत्री राइस ने कहा था कि कि भारतीयों और चीनियों की खुराक बढ़ गई है। इसीलिए वहाँ की सरकारों को अनाज के निर्यात पर रोक लगानी पड़ी है।ड्ढr कांग्रस, भाजपा और वामदलों सहित विभिन्न पार्टियों ने बुश की दलील और उनके इरादे पर सवाल उठाया है। वाणिज्य राज्य मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि बुश की गिनती कभी अच्छे अर्थशास्त्रियों में नहीं हुई और उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनकी जानकारी कितनी कम है। केन्द्र में सत्तारूढ़ कांग्रस ने बुश की आलोचना करते हुए कहा कि भारत अनाज का आयात नहीं करता बल्कि इसका निर्यात करता है। दुनिया भर में अनाज संकट की जिम्मेदारी भारत पर मढ़ना गलत है। भाजपा नेता वीके मल्होत्रा ने सवाल किया कि क्या बुश चाहते हैं कि भारतीय भूख से मर जाएँ। माकपा महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि बुश जले पर नमक छिड़क रहे हैं।

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