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सियासी जोड़-तोड़ में लोहिया पथ अधूरा

लोहिया पथ और इस पर बना अधूरा रलवे ओवरब्रिज पीडब्ल्यूडी महकमे के गले की फाँस बन गया है। न तो इसे तोड़ा जा रहा है और न ही पूरा किया जा रहा है। इस मामले की जाँच के लिए गठित उच्च स्तरीय कमेटी की सिफारिशें शासन मान चुका है। उसमें इसे पूरा करने को कहा गया है। इसके बावजूद अब तक इस अधूर पुल को छुआ तक नहीं गया है। इसकी वजह से गोमती पार से आने वाले लोगों को रोाना काफी परशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ड्ढr पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का यह ड्रीम प्रोजेक्ट था। इसके निर्माण में कई तरह की अनियमितताएँ हुईं। यह एक अलग पहलू है। अब समस्या आम लोगों की है। मामले में गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने यह सिफारिश भी थी कि जनहित में गोमती नदी के निर्माणाधीन पुल और अधूर रलवे ओवरब्रिज को पूरा किया जाना चाहिए।ड्ढr पीडब्ल्यूडी ने पुल का काम तो किया पर रलवे ओवरब्रिज पर साइकिल वालों के लिए बनाए जा रहे अधूर ओवरब्रिज को कोई तवज्जो नहीं दी। एक अधिकारी ने बताया कि समिति की सिफारिश के हिसाब से ओवरब्रिज को पूरा कर दिया जाए तो शासन से दिक्कत हो सकती है। अभी सारा ध्यान अम्बेडकर स्मारक व उससे जुड़ी योजनाओं पर है। गोमती के नए पुल का काम भी इसीलिए हो गया क्योंकि इससे अम्बेडकर स्मारक के आसपास का यातायात सुगम हो सकता है।ड्ढr रलवे ओवरब्रिज प्राथमिकता में नहीं है। अधूरे निर्माण को गैर जरूरी मानते हुए इसे तोड़ने की बात भीड्ढr कोई अधिकारी नहीं करना चाहता। इससेड्ढr उनके आगे के राजनीतिक समीकरण बिगड़ सकते हैं।

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  • Web Title: सियासी जोड़-तोड़ में लोहिया पथ अधूरा