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तांतिया से ठेका वापस लेने का समय गलत

तांतिया से सड़क ठेका छीनने के ‘समय’ का चुनाव गलत है। सरकार के लिए यह घाटे का सौदा होगा। अभी अलकतरा के काम का समय है और दो महीने और दबाव बनाकर काम कराया जाता तो करीब दो तिहाई काम पूरा हो जाता। गलत समय पर लिये गये इस निर्णय से अंतत: तांतिया को ही फायदा होने की संभावना दिख रही है। उधर पथ निर्माण विभाग ने तांतिया कंस्ट्रक्शन द्वारा अब तक किये गये कायों की नापी शनिवार से शुरू की। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कंकड़बाग रोड, बुद्ध मार्ग, आशियाना-दीघा रोड समेत कुछ अन्य सड़कों की मापी का काम शुरू कर दिया गया है। अब तांतिया के कार्यो की समीक्षा होगी और उसके अनुसार उसके खर्च निर्धारित किये जाएंगे।ड्ढr ड्ढr तय एकरारनामा के अनुसार करीब आधा दर्जन मुख्य सड़कों को पूरा करने की तय अवधि अगस्त तक थी। साथ ही हर पन्द्रह दिनों पर होने वाली समीक्षात्मक बैठक में सड़क निर्माण में आने वाली बाधाओं यथा मंदिर, बिजली पोल, टेलिफोन केबुल आदि का जिक्र होता रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट में मामला जाने पर इसका फायदा तांतिया को ही मिलेगा। पथ निर्माण विभाग के पुराने निजाम भी सहमत हैं। नये सिर से सभी सड़कों का टेंडर करने या पुल निर्माण निगम के बैनर तले सड़कों का निर्माण शुरू करने के बावजूद किसी भी सूरत में बरसात के पूर्व सभी सड़कों का निर्माण संभव नहीं है।ड्ढr ड्ढr तांतिया को काम देने के समय विभाग के उच्च पद पर कार्यरत एक आला अभियंता ने कहा कि उस समय भी इंजीनियरों ने पैकेज बनाकर सड़क निर्माण नहीं करने की सलाह दी थी। पर सरकार के निर्णय के आगे अभियंताओं की नहीं चली। सलाह को ताक पर रख तांतिया को काम दिया गया जिसका हश्र अब सामने है। सड़कों के आधार पर टेंडर हुआ होता तो अब तक सभी सड़कें बन गई होतीं।ं

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