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शिमला में छूटे पसीने, माल हुआ वीरान

पहाड़ों की रानी शिमला रविवार को पसीने से तरबतर रही। यहां का तापमान दोपहर को 32 डि.से. के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया। जिस कारण यहां रिा मैदान तथा प्रसिद्ध माल रोड कुछ समय के लिए वीरान हो गया। बड़ी संख्या में यहां आये पर्यटक दिन के समय अपने-अपने होटलों मे ंकैद रहे और कुछ पर्यटक ट्रेवल एजेंटों की ऊंचाई वाले पर्यटन स्थल जसे चम्बा, मनाली तथा किन्नौर जाने के लिए चर्चा करते हुए दिखे। मौसम के हिसाब से हिमाचल प्रदेश देश का सबसे विविधता वाला राज्य है। यहां के मंडी का तापमान जहां 42 डि.पार कर गया, वहीं लाहौल स्पीति तथा किन्नौर के कई स्थानों पर लोग गर्म कपड़ों से लदे हैं और यहां रात का तापमान जमाव बिन्दु तक पहुंच रहा है। राजधानी शिमला इन दिनों भीषण जलसंकट में जुझ रहा है। यहां के कई इलाकों में चार-चार दिन से जलआपूर्ति नहीं हो पा रही है जिस कारण टैंकरों से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। लोगों की पीने का पानी तो जसे तैसे उपलब्ध हो रहा है पर स्नान व कपड़े धोने के लिए लोगों के लाले पड़गये हैं। शिमला नगर निगम का कहना है कि गुम्मा तथा चुरहट नाले जहां से शिमला के लिए पानी लिफ्ट किया जाता है उनमें पानी का बहाव ही कम हो गया है जिस कारण जल आपूर्ति में कमी आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेय जल पाइपों तथा टंकियों की उचित देखरख न होने के कारण जगह-ागह जल रिसाव हो रहा है। यह रिसाव कुल जलापूर्ति का 30 प्र.श. से भी ज्यादा है। यदि इसको ठीक किया जाये तो पेयजल समस्या काफी हद तक दूर की जा सकती है। शिमला की उम्मीद अब 65 करोड़ की लागत से तैयार गिरी नदी पेयजल योजना पर टिकी है, जो बनकर तैयार है पर तकनीकी खामियों के कारण अब तक शुरू नहीं हो सकी है।

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