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डगमारा कार्ययोजना पर काम शुरू

राज्य सरकार ने सबसे बड़ी पनबिजली परियोजना डगमारा के निर्माण को गति देने की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। इसी क्रम में केन्द्र सरकार की संस्था वाटर एंड पावर कंसल्टेंट सर्विस (वैपकॉस) के सीएमडी डी. दत्ता बिहार पहुंचे और डगमारा पनबिजली परियोजना के निर्माण को लेकर बिहार स्टेट हाइड्रोइलेक्िट्रक पावर कारपोरशन (बीएचपीसी) के वरीय अधिकारियों व अभियंताओं के साथ बैठक की। उन्होंने परियोजना पर विमर्श के लिए जल संसाधन मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव से भी मुलाकात की। डगमारा पनबिजली परियोजना की डीपीआर ‘वैपकॉस’ द्वारा ही तैयार की जा रही है। बिहार के सुपौल में बनने वाली इस परियोजना से 126 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यह बिहार की अबतक की सबसे बड़ी पनबिजली परियोजना होगी, जिसकी स्थापित क्षमता में भी वृद्धि की संभावना है। सुपौल, सहरसा और मधेपुरा में दस अन्य परियोजनाओं की संभावना का भी पता चला है। इसके लिए सरकार अलग से कार्ययोजना बना रही है।ड्ढr ड्ढr दस को गेहूं की खरीद का जायजा लेगी सरकारड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राज्य सरकार 10 मई को 25 जिलों में गेहूं की खरीद का जायजा लेगी। शीर्ष अधिकारी उस दिन वीडियो कॉफ्रंसिंग के माध्यम से तीन घंटे तक संबंधित जिलों के डीएम से ‘वन टू वन’ बात करंगे। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पटना, नालन्दा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, गया, नवादा, औरंगाबाद, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण, सीतामढ़ी, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा, अररिया और बांका के डीएम को पूरी तरह तैयार होकर वीडियो कॉफ्रंसिंग के लिए मौजूद रहने को कहा है। अधिकारियों से गेहूं की खरीद के केन्द्रों की संख्या और केन्द्रवार लक्ष्य की जानकारी मांगी है। उक्त जिलों में 15 जुलाई तक सात लाख टन गेहूं की खरीद होनी है। अधिकारियों से खरीद केन्द्रों पर तैनात कर्मचारियों की संख्या और दलालों-बिचौलियों के खिलाफ अबतक की गयी कार्रवाई का ब्योरा तलब किया गया है। ड्ढr सरकार के खिलाफ 5 सूत्री प्रस्ताव पारितड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राजद के किसान प्रकोष्ठ ने किसानों की समस्याओं को लेकर आन्दोलन की घोषणा की है। रविवार को प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में राज्य सरकार को किसान, मजदूर, गरीब और गांव विरोधी करार देते हुए पांच सूत्री प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक की अध्यक्षता प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विधान पार्षद मुन्द्रिका सिंह यादव ने की। बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में श्री यादव ने कहा कि सरकार के किसान विरोधी कदमों के खिलाफ 12 से 25 मई तक जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। 26 मई को राजधानी के आयकर गोलम्बर पर राज्यस्तरीय धरना दिया जाएगा।ड्ढr उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा वर्ष 2008-0ो किसान वर्ष मनाने की घोषणा भी छलावा मात्र है। विगत बरसात के समय भीषण बाढ़ से हुई क्षति की भरपाई अभी हुई भी नहीं थी कि रबी फसल के समय असामयिक वर्षा, तूफान व ओलावृष्टि से किसानों को अभूतपूर्व क्षति हुई है। उन्होंने राज्य सरकार को किसानों के लिए बीमारी करार देते हुए कहा है कि इस ढपोरशंखी सरकार के रहते किसानों का भला नहीं हो सकता है। संवाददाता सम्मेलन में संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष विधायक शोभकांत मंडल, पूर्व सांसद नरश यादव और महासचिव मनीषचंद्र यादव आदि उपस्थित थे। महंगाई के खिलाफ जदयू अभियान चलाएगाड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। जदयू अति पिछड़ा प्रकोष्ठ महंगाई के खिलाफ पूर राज्य में व्यापक अभियान चलाएगा। पार्टी द्वारा 5 मई और 12 मई को आहूत राज्यस्तरीय धरना-प्रदर्शन में भी उसकी सक्रिय भागीदारी होगी। प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष चन्देश्वर प्रसाद चन्द्रवंशी ने बताया कि प्रकोष्ठ पदाधिकारियों की हुई बैठक में बढ़ती महंगाई पर गहरी चिन्ता व्यक्त की गई और इसके लिए केन्द्र की यूपीए सरकार को दोषी ठहराया गया। पार्टी केन्द्र सरकार के खिलाफ पूर राज्य में आंदोलन चलाएगी और सोई यूपीए सरकार को जगाएगी। श्री चन्द्रवंशी ने कहा कि देश खाद्य सुरक्षा के संकट से गुजर रहा है। लगभग सभी गोदाम खाली हो चुके हैं। दूसरी ओर महंगाई से जनता त्रस्त है। आवश्यक चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। इतना होने के बावजूद केन्द्र सरकार चैन की नींद सो रही है। देश की आम जनता की परशानी से उसका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 5 मई को सभी जिला मुख्यालयों और 12 मई को प्रखंड मुख्यालयों पर होने वाला धरना ऐतिहासिक होगा और केन्द्र की यूपीए सरकार को उस दिन सूबे की जनता की नाराजगी का अहसास हो जाएगा।

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