अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब पुस्कालयों के लिए भी नियम बनेंगे

सूबे के पुस्तकालयों को सरकार अब नियमों के दायर में बांधेगी। विधानमंडल में बिहार राज्य सार्वजनिक पुस्तकालय एवं सूचना केन्द्र विधेयक, 2008 पारित होने के बाद मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा इसकी लिए नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विधेयक में सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थापना, पुनर्गठन, रेगुलेशन, नियंत्रण, मानिटरिंग और उनके व्यवस्थित विकास के लिए नियम तय किए गए हैं।ड्ढr ड्ढr इसके तहत पुस्तकायों की राज्य, प्रमंडल, जिला, अनुमंडलीय, प्रखंड, पंचायत और ग्रामीण स्तर की श्रेणियां बनाई गई हैं। इनके अलावा ये विशिष्ट और निजी कोटि की भी होंगी। इनकी सेवाओं के बार में सरकार को सलाह देने के लिए राज्य पुस्तकालय एवं सूचना केन्द्र प्राधिकार का गठन या पुनर्गठन किया जाएगा। इनमें अध्यक्ष-उपाध्यक्ष समेत 12 सदस्य होंगे। दोनों प्रमुख पदों के लिए राज्य के प्रमुख शिक्षाविदों, पुस्तकालय विज्ञान के जानकारों, भाषा, विज्ञान, कला एवं समाज सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव रखने वाले लोगों के पैनल से चयन किया जाएगा। यह पैनल विभाग तैयार करगा। अन्य सदस्यों में विभिन्न संबंधित विभागों के कम से कम उप सचिव स्तर के अधिकारी होंगे। इसके अलावा राज्य सरकार एक निदेशालय का भी गठन करगी जिसके निदेशक पुस्तकालय अधीक्षक का कार्य भी देखेंगे। निदेशालय का मुख्य कार्य केन्द्रीय प्रस एंड रजिस्ट्रशन आफ बुक्स एक्ट, 1867 के सभी कार्यो का निष्पादन करना होगा। साथ ही इसके तमाम आमद-खर्च पर महालेखाकार की नजर रहेगी। यही नहीं विभिन्न स्तरों के पुस्तकालयों के प्रभारी अपने यहां की हर तरह की रिपोर्ट और विवरणी निदेशालय को पेश करंगे। पुस्तकालयों में तय नियमों का पालन हो रहा है या नहीं इसके लिए निदेशक या उसके द्वारा अधिकृत व्यक्ित निरीक्षण भी करंगे।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: अब पुस्कालयों के लिए भी नियम बनेंगे