DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हाईटेक होगा परिवहन विभाग

तीन सरकारें बदलीं और मंत्री बदले पांच! फिर भी परिवहन विभाग में नहीं हो सकी हाईटेक यंत्रों की खरीद। क्रेन, एम्बुलेंस, मोबाइल इन्टरसेप्टर, वेब्रीज और प्रदूषण जांच यंत्रों के लिए विभाग के करोड़ों रुपये राजद सरकार के समय से ही बैंकों में सूद बढ़ा रहे हैं। वैसे नये परिवहन मंत्री रामानन्द सिंह का दावा है कि यंत्रों की शीघ्र खरीद हो जायेगी।ड्ढr यंत्रों की खरीद के लिए वर्ष 2000 में तत्कालीन परिवहन मंत्री रामचन्द्र पूर्वे और राज्यमंत्री यमुना राम ने पहल की। इससे पहले कि खरीद होती उनका विभाग ही बदल गया।ड्ढr ड्ढr उनके बाद अवध बिहारी चौधरी आए और साथ में राजेश सिंह राज्यमंत्री बने, लेकिन बात नहीं बनी। मार्च, 05 में राष्ट्रपति शासन के दौरान यंत्रों की खरीद की फाइल अभी खुली ही थी कि अक्तूबर-नवम्बर, 05 में दोबारा विधान सभा चुनाव हो गया। नीतीश सरकार में विभाग की कमान संभालने वाले राज्यमंत्री अजीत कुमार ने जोर लगाया लेकिन मामला जस-का-तस ही रहा। सूत्रों के अनुसार फिटनेस जांच के लिए गैस एनेलाइजर, स्मोक मीटर, व्हील एलाइनमेंट, हॉर्न चेकिंग मशीन, ब्रेक टेस्टर, हेड लाइट बीम एडजस्टर, ओवरलोडेड ट्रकों की जांच के लिए वे-ब्रीज के साथ ही क्रेन और एम्बुलेंस की खरीद होनी है। मोबाइल इन्टरसेप्टर खरीदने के लिए रुपये वर्ष 2000 से ही पड़े हैं। परिवहन मंत्री श्री सिंह कहते हैं, देर ‘शब्द’ मेरी डिक्शनरी में ही नहीं है। वे-ब्रीज खरीदने के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। अन्य यंत्रों की खरीद भी जल्द ही हो जायेगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: हाईटेक होगा परिवहन विभाग