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25 फरवरी, 2020|9:16|IST

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वर्चस्व की लड़ाई में भिड़े दो गुट, मारपीट

बिहार राज्य आर्य प्रतिनिधि सभा पर वर्चस्व की लड़ाई में दो गुट भिड़ गए। नयाटोला स्थित कार्यालय परिसर अखाड़ा बन गया जहां दोनों गुटों के बीच हुई मारपीट से अफरातफरी मच गयी। घटना सुबह करीब दस बजे हुई। हिंसक ड्रामा लगभग एक घंटे तक चला और इसके बाद पुलिस ने वहां पहुंच कर लाठी पटकते हुए उपद्रवियों को खदेड़ दिया। बहरहाल घटना के बावत दोनों पक्षों की ओर एक दूसर के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी है। कदमकुआं थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि इसके मूल में सभा पर वर्चस्व कायम करने को लेकर लंबे समय से चला रहा विवाद है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। साथ ही कार्यालय पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।ड्ढr ड्ढr सुबह को पूर्व उपमंत्री श्याम किशोर शर्मा व पूर्व पुस्तकाध्यक्ष दिनेश कुमार आर्य ने अपने समर्थकों के साथ नयाटोला स्थित आर्य प्रतिनिधि सभा कार्यालय पहुंच कर वहां पर कब्जा जमाने का प्रयास किया। लगभग 40 समर्थकों के साथ पहुंचे दोनों पूर्व प्रतिनिधियों ने वहां पर अपना वास्तविक अधिकार बताया और बैठक शुरू कर दी। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना वर्तमान प्रधान गंगा प्रसाद को दी। सूचना मिलते ही गंगा प्रसाद दल-बल के साथ कार्यालय पहुंचे और वहां पर सभा कर रहे नेताओं को हटने को कहा। जब पूर्व सदस्यों ने हटने से मना किया तो उनके साथ गए लोगों ने सभा कर रहे लोगों को जबरन हटाना शुरू कर दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हाथापाई भी हुई। लगभग आधा दर्जन लोगों को इसमें मामूली चोटें भी आयी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और उसने लाठी पटकते हुए पटकते हुए परिसर को खाली कराया। गंगा प्रसाद के समर्थकों को भी तत्काल कार्यालय खाली कर देने को कहा गया। घटना के संबंध में दूसर पक्ष के श्याम किशोर शर्मा, राजेश यादव, रमाकांत यादव, राजेश्वर यादव ने कहा कि सभा का पुनर्गठन हुआ है और हमलोग ही इसके असली सदस्य हैं। गंगा प्रसाद सत्ता दुरूपयोग कर रहे हैं और प्रशासन को मिलाकर हमलोगों को बेदखल करना चाहते हैं। सभा पर कब्जा जमाने का प्रयासड्ढr पटना (हि.प्र.)। आर्य प्रतिनिधि सभा पर पूर्व उपमंत्री श्याम किशोर शर्मा व पूर्व पुस्तकाध्यक्ष दिनेश कुमार आर्य कब्जा जमाना चाहते हैं। सभा के प्रधान गंगा प्रसाद ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर कहा कि 2006 के दिसम्बर में चुनाव हुआ था और उसमें प्रधान मंत्री पद पर हमारा व मंत्री के पद पर रामेंद्र कुमार गुप्ता का चुनाव हुआ था। उन्होंने कहा कि पूर्व उपमंत्री व पुस्तकाध्यक्ष सभा पर कब्जा जमाना चाहते हैं और आज भी इसी उद्देश्य से वहां आए थे। इस साल मार्च में हुई बैठक में संस्था विरोधी गतिविधियों के कारण उनको निष्कासित कर दिया गया था, फिर भी वे लगातार यहां कब्जा जमाने का प्रयास कर रहे हैं। हमने इसकी सूचना पुलिस को दे दी है। उनका कहना था कि कुछ लोग सभा की गतिविधियों पर रोक लगाना चाहते हैं और उन्हें सफल नहीं होने दिया जाएगा।

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