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सर्किल इंस्पेक्टर घूस लेते धराया

विजिलेंस की टीम ने मनेर प्रखंड के सर्किल इंस्पेक्टर सत्येन्द्रनाथ लाल और कर्मी चन्द्रश रजक को एक लाख रुपए घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस द्वारा इस वर्ष घूस के रूप में बरामद हुई यह सबसे बड़ी राशि है। इसके तुरंत बाद रात को विजिलेंस ने श्री लाल के शास्त्रीनगर स्थित ओल्ड सीआईडी कालोनी के मकान (ए-2) में छापा मारा।ड्ढr जानकारी के मुताबिक यह मकान श्री लाल की पत्नी को अलाट है जो सीआईडी में एएसआई हैं।ड्ढr ड्ढr हालांकि तलाशी में विजिलेंस को कुछ खास हाथ नहीं लगा। श्री लाल को घूस की रकम नवनीत सिन्हा से बोरिंग रोड के ओएसिस होटल के पास लेते हुए नाटकीय ढंग से पकड़ा गया। श्री सिन्हा ने शिकायत की थी कि अंचलाधिकारी के कहने पर उनके मनेर स्थित 4 एकड़ के एक भूखंड की प्लाटिंग करने और बेचने की इजाजत देने के एवज में श्री लाल और रजक जमीन की कुल कीमत की दो फीसदी के रूप में 8 लाख रुपए घूस मांग रहे हैं। सत्यापन में सही पाए जाने पर विजिलेंस डीएसपी प्रकाशनाथ मिश्रा ने शाम 6-7 बजे होटल के पास जाल बिछाया। श्री मिश्रा जहां खुद को सड़क की नापी में व्यस्त दिखा रहे थे, वहीं टीम का एक सदस्य श्री सिन्हा का ड्राइवर बना हुआ था। श्री लाल और रजक मोटरसाइकिल से निर्धारित जगह पर पैसा लेने आए और वहीं नोट गिनते हुए पकड़े गए। टीम में डीएसपी मृत्युंजय कुमार चौधरी, इंस्पेक्टर विनय कुमार और एएसआई ललन सिंह भी शामिल थे। अभियुक्तों से पूछताछ चल रही है। सोमवार को उनको विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा। ब्यूरो का इस वर्ष का यह 18वां ट्रैप केस जिसमें 21 अभियुक्त पकड़े गए हैं।

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