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बुश का दिमागी संतुलन बिगड़ा

अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान कि भारतीय पेटू हैं और विश्व में उत्पन्न हो गये खाद्यान्न संकट के लिए वे जिम्मेवार हैं को लेकर देश के सभी राष्ट्रीय पार्टियों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश के बयान पर कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की चुप्पी शर्मनाक है और बुश के गैर जिम्मेदाराना बयान के लिए माकूल जवाब दिया जाना चाहिए।ड्ढr ड्ढr श्री नकवी ने रविवार को नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि भारत के लोग एक रोटी खाते है या दस रोटी या फिर भूखे रहते हैं इसके लिए कोई भारतीय अमेरिका के रहमोकरम पर नहीं है न ही भारत के लोग अमेरिका की भारत के चूल्हे-चौके में ताक झांक बर्दाश्त करेंगे। उन्होंने कहा कि श्री बुश के बयान से भारतीय लोगों में व्यापक आक्रोश हैं और चाहते हैं कि सरकार अमेरिका को उनके गैर जिम्मेदाराना बयान के लिए माकूल जवाब दें। वहीं केन्द्रीय रक्षामंत्री ए के एंटनी ने बुश के बयान को निर्दयी व्यंग्य करार देते हुए कहा है कि विश्व में खाद्यान्न संकट के लिए भारत जिम्मेवार नहीं होकर वे नीतियां हैं जिसके तहत खेती योग्य जमीन को व्यावसायिक कार्य में लाया जा रहा है। इधर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने बुश पर प्रहार करते हुए कहा है कि भारतीयों के प्रति बुश का नजरिया स्वीकार करने योग्य नहीं है। लगता है बुश ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है। तिरुवनंतपूरम में सीपीआई के राष्ट्रीय उपमहासचिव सुधाकर रेड्डी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश के शब्दों को बकवास बताया है। वहीं चेन्नई में भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने बुश के बयान को हास्यास्पद बताते हुए कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का यह कहना कि खाद्यान्न संकट के लिए भारत के मध्यवर्गीय लोग जिम्मेवार है, वेबुनियाद है।ड्ढr ड्ढr अमेरिका भारत पर दबाव बनाकर चाहता है कि भारत उसके देश की कृषि पद्धति को अपनाए। वहीं बेंगलुरु में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ ने बुश के शब्दों को आधारहीन बताया है। भाजपा नेता नकवी ने कहा कि केन्द्र सरकार की अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर चुप्पी शर्मनाक है। कोई विदेशी सौ करोड़ से ज्यादा भारतीयों का अपमान कर रहा हो और भारत की सरकार कड़ा जवाब देने की बजाय लीपापोती का रुख अपनाए हुए है। श्री नकवी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री डा. सिंह पी एम ऑन डेप्युटेशन (प्रतिनियुक्ित के प्रधानमंत्री) साबित हुए हैं। जो कि न तो देश के मोर्चे पर सफल हो रहे हैं न ही विदेशी मोर्चे पर। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ठीक वैसा ही व्यवहार कर रहे हैं जैसे कोई डेप्युटेशन पर नियुक्त अधिकारी अपना समय काटता है।

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