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भारत की नजर आसियान सर्विस सेक्टर पर

आसियान समूह में शामिल 10 देशों के बाजार भारत के सेवा निर्यात बढ़ाने के लिए बड़े काम के साबित हो सकते हैं। इसलिए भारत की निगाह आसियान देशों के सेवा बाजार पर है। माना जा रहा है कि अगर भारत और आसियान के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के साथ ही सेवा व्यापार पर भी समझौता हो तो भारत का न सिर्फ व्यापार घाटा समाप्त होगा बल्कि भारत की सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों को खासा फायदा भी होगा। ध्यान रहे कि आसियान समिट में भाग लेने के लिए वाणिज्य मंत्री कमलनाथ रवाना हो रहे हैं। आसियान देश मिलजुल कर सालाना स्तर पर 176 अरब डॉलर की सेवायें आयात करते हैं। उद्योग चैंबर फिक्की अध्यक्ष हर्षपति सिंहानिया के मुताबिक आने वाले दिनों में इन देशों की अर्थव्यवस्थाओं को सेवा आयात पर और भी निर्भरता बढ़ानी होगी। लिहाजा, भारत मौजूदा समय में प्रस्तावित एफटीए के साथ अब सेवा व्यापार पर भी समझौते की दिशा में कदम बढ़ाये। यह समझौता व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते के जरिए भी संभव हो सकता है। भारत को इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि यह समझौता डब्ल्यूटीओ प्रावधानों से भी बढ़कर यानी अधिक रियायतों के आदान-प्रदान पर आधारित हो।

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