DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नर्गिस ने ली 4000 लोगों की जान

म्यांमार की राजधानी यांगून और इरावदी डेल्टा क्षेत्र में शनिवार और रविवार को आए नर्गिस तूफान में मरनेवालों की संख्या 4,000 तक पहुंच गयी है। सोमवार को सरकारी रडियो के प्रसारण में बताया गया कि केवल एक ही शहर में अन्य 3,000 लोग अभी भी लापता हैं। म्यांमार के विदेशमंत्री ने स्वीकार किया है कि इस आपदा में मरनेवालों की संख्या 10,000 को पार कर सकती है। सैन्य शासन (ाुंटा) ने सहायता के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है। पहले सरकार ने देशभर में मरने वालों की संख्या 351 बताई थी। संयुक्त राष्ट्र ने राहत और बचाव कार्य के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता जुटाने का वचन दिया है। संस्था के राहत आकलन एवं समन्वय टीम को मानवीय आधार पर जरूरत के अनुसार तैयार रहने को कहा गया है। रडक्रॉस ने इस आपदा से राहत और पुनर्वास के लिए 1,0,000 अमेरिकी डॉलर की राशि देने की घोषणा की है। भारत ने खाद्य पदार्थो, टेंट, कम्बल, कपड़े और दवाओं से लदे नौसेना के दो जहाज को पोर्ट ब्लेयर बंदरगाह से रवाना कर दिया है। विदेश मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विदेशमंत्री प्रणव मुखर्जी ने इस प्राकृतिक दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पड़ोसी देश को और राहत, पुनर्वास सामग्री ोजने की पेशकश की है। इस तूफान का असर अब बांग्लादेश और थाईलैंड पर भी पड़ा है। थाई मौसम विभाग के अनुसार तूफान की गति तो कम हुई है लेकिन जाते-ााते नर्गिस की कोपदृष्टि थाईलैंड पर पड़ी और यहां सोमवार को भारी बारिस हुई। विभाग की घोषणा में कहा गया है कि यहां और मूसलाधार बारिस हो सकती है और दो दिनों में बाढ़ की आशंका भी है। नर्गिस से बच गए बांग्लादेश में एक नए तूफान की आशंका व्यक्त की गई है। विशेषज्ञों की बैठक के बाद मौसम विज्ञान के अधिकारियों ने बांग्लादेश को तूफान से आगाह करते हुए कहा है कि बंगाल की खाड़ी में दबाव होने से कम से कम एक और चक्रवाती तूफान उठने की आशंका है।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: नर्गिस ने ली 4000 लोगों की जान