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याचिकारांची नगर निगम चुनाव में धांधली का आरोप

रांची नगर निगम चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए 11 पराजित प्रत्याशियों ने सिविल कोर्ट में पीटीशन दायर किया था। पांच मई को इन सभी की एक साथ सुनवाई करते हुए न्यायायुक्त डीएन उपाध्याय की कोर्ट ने दूसर पक्ष को शो कॉज जारी किया है। उन्हें 30 मई को कोर्ट में हाजिर होकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 30 मई को होगी। मुकदमा करने वालों ने अलग-अलग आवेदनों में राज्य चुनाव आयोग, नगर निगम के प्रशासक, रांची के डीसी, नव चयनित डिप्टी मेयर और विभिन्न वार्ड पार्षदों को पार्टी बनाया है। डिप्टी मेयर के पराजित प्रत्याशी शशिभूषण, वार्ड 24 के राकेश कुमार वर्मा, वार्ड 25 के मो शोएब और वार्ड 38 की पुष्पा देवी की ओर से बहस करते हुए वकील अरविंद कुमार लाल ने कहा है कि चुनाव से लेकर काउंटिंग तक गड़बड़ी की गयी है। राज्य चुनाव आयोग और जिला प्रशासन का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराये जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी। उन्होंने चुनाव रद्द करने की मांग की। कोर्ट ने संबंधित पक्षों से पूछा है कि क्यों नहीं चुनाव याचिका स्वीकार करते हुए सुनवाई कर उचित आदेश पारित किया जाये। 31 मार्च तक पूरा करने का निर्देश झारखंड हाइकोर्ट ने रांची में खटालों के पुनर्वास के प्रथम चरण का काम 31.3. 0तक पूरा करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस एम कर्पग विनायगम व जस्टिस डीाीआर पटनायक की अदालत ने याचिका निष्पादित करते हुए सरकार को निर्धारिक समय के अंदर सभी काम पूरा करने को कहा है। कोर्ट ने 31.5.08 तक जमीन अधिग्रहण एवं 31. 8.08 तक फंड आवंटित करने का निर्देश भी सरकार को दिया है। इस संबंध में कुलदीप सिंह ने जनहित याचिका दायर की थी। इस मामले में पूर्व में सरकार ने शपथपत्र दाखिल किया था। कोर्ट को काम पूरा करने के लिए समयबद्ध जानकारी दी गयी थी। इसी को अमल में लाने का निर्देश अदासत ने दिया। सरकार की ेर से वकील राजीव रांन व प्रार्थी की ओर से महेश तिवारी ने बहस की। पार्षद सफाई के लिए सड़क पर उतरंगेसंवाददाता रांची चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं से किये वायदे पूरा करने में पार्षदों की नानी याद आ रही है। पार्षदों का कहना है कि सुबह-सुबह कुछ लोग समस्याएं लेकर घर पहुंच रहे हैं। कहीं नाली जाम है, तो कहीं कचरों का अंबार है। किसी को वृद्धापेंशन, तो किसी को राशन कार्ड बनवाने की लगी है। पार्षद इस बात को लेकर परशान हैं कि कहां से लायें मजदूर। पार्षद निगम के अधिकारियों से बार-बार आग्रह करते हैं, लेकिन अधिकारी कर्मचारियों की कमी पर रोते हैं। कहते हैं एक साथ सभी पार्षदों के आग्रह को नहीं माना जा सकता है। पार्षद अब अपना दर्द किसको बतायें। वार्ड नंबर 1े पार्षद राजेश गुप्ता ने बताया कि निगम में मात्र 426 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें 170 महिला और 256 पुरूष कर्मचारी हैं। एक वार्ड के हिस्से छह-सात कर्मचारी आते हैं। छह सात कर्मचारी के मथे 30 हाार से एक लाख तक की आबादी का जिम्मा है। 42 ट्रेक्टर हैं, जिसमें आठ ट्रेक्टर पानी आपूर्ति के कार्य में लाया जाता है। नगर निगम के गठन के समय मात्र 37 वार्ड थे, जिस बढ़ाकर अब 55 कर दिया गया है। वार्ड भी बढ़े और आबादी भी बढ़ी है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ायी गयी है। निगम के प्रशासक ने इस समस्या से सरकार को कई बार अवगत कराया है। श्री गुप्ता का कहना है कि कर्मचारी काम नहीं करना चाहते हैं। पुराने ढर्रा से काम करने की आदत बन गयी है। डेढ़ घंटे से अधिक समय तक काम कर ही नहीं करना चाहते हैं। अधिकारियों के आदेश का भी इन पर कोई असर नहीं पड़ता है। गुप्ता ने कहा कि अगर यही स्थिति रही, तो वह स्वयं झाडू लेकर सफाई कार्य में उतरेंगे।

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  • Web Title: याचिकारांची नगर निगम चुनाव में धांधली का आरोप