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बंटवारे से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हो

झारखंड राज्य बिजली बोर्ड अभियंता पदाधिकारी कर्मचारी समन्वय समिति ने जेएसइबी को बांटने से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने का अनुरोध किया है। समिति के संयोजक एमपी यादव का कहना है कि बोर्ड को बांटने और हाइकोर्ट के आदेश पर समिति का कोई विरोध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2007 में राज्य सरकार को ट्रांसफर स्कीम प्रकाशित करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन आज तक नहीं हुआ है। श्री यादव ने कहा कि बिहार और झारखंड के बीच परिसंपत्तियों और कैडर का अंतिम बंटवारा होना बाकी है। बोर्ड को चार भाग में बांटा जाना है। राज्य सरकार ने बिजली बोर्ड की कुल संपत्ति 1100 करोड़ आंकी है, जबकि बोर्ड की संपत्ति 40 हाार करोड़ से भी अधिक है। समिति ने नये सिर से संपत्ति का आकलन करने का अनुरोध किया है। बोर्ड की संपत्ति को औने-पौने में बेचने की साजिश हुई है। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 131 के तहत सरकार उसी संपत्ति को बांट सकती है, जो बंटवार से पहले बोर्ड के अधीन हो। इसी एक्ट में ट्रांसफर स्कीम को प्रकाशित करने का प्रावधान भी है।

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