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तांतिया पर कार्रवाई निर्माण एजेंसियों के लिए सबक : मंत्री

तांतिया के ‘फील गुड’ को जल्द ही जोर का झटका लगने वाला है। राज्य सरकार उसे मलाईदार काम कर बच निकलने देने के मूड में कतई नहीं है। राजधानी पटना की विभिन्न सड़कों पर उसके द्वारा कराए गए काम की सरकार जांच कर रही है।ड्ढr इस क्रम में सड़कों की मापी से लेकर अन्य सार निर्माण कार्यो का पैमाना तैयार हो रहा है। इस आधार पर तांतिया पर आगे की कार्रवाई भी संभव है। जांच के बाद सरकार कार्रवाई के विभिन्न विकल्पों पर अभी से विचार कर रही है। राज्य सरकार ने सूबे में सड़क निर्माण में जुटी अन्य निर्माण एजेंसियों को भी समय सीमा के साथ-साथ गुणवत्ता बरकरार रखने की खास रूप से हिदायत भी दी है।पथ निर्माण मंत्री प्रम कुमार ने कहा कि तांतिया पर हुई कार्रवाई सूबे में अन्य निर्माण एजेंसियों के लिए सबक है।ड्ढr ड्ढr उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण में किसी भी तरह की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। तांतिया को 20 माह में सभी निर्माण कार्य पूरा कर लेना था। 16 माह में 80 फीसदी काम सम्पन्न कराने का कांट्रैक्ट था, लेकिन इस दौरान महज 25 फीसदी काम ही हो पाए। बार-बार कहे जाने के बावजूद निर्माण कार्य में तेजी नहीं आई। उन्होंने बताया कि सरकार तांतिया द्वाराकिए गए निर्माण कार्य की मापी करवा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बरसात के पूर्व निर्माण कार्य पूर करने के लिए सरकार हरसंभव कोशिश करगी। इसके लिए निर्माण के कई पहुलओं पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। अपरोक्ष रूप से लाभ पहुंचाने की साजिशड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। सांसद रामकृपाल यादव ने आरोप लगाया है कि तांतिया से सड़क निर्माण का काम छीनकर उसे अपरोक्ष रूप से लाभ पहुंचाने की साजिश की गई है। लिहाजा इस मामले के दोषी नकाबपोशों को सामने लाने के लिए इसकी सीबीआई जांच जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा है कि वे पटना शहर रोड प्रोजेक्ट और कंकड़बाग ड्रेनेज योजना की सीबीआई जांच कराकर जनता का विश्वास जीतें। श्री यादव ने कहा है कि यह योजना शुरू से ही विवादों के घेर में रही है। पहले तो बिहार से बाहर ब्लैक लिस्टेड तांतिया कंपनी को काम दिया गया और इसके बाद पेटी कांट्रेक्ट के तहत विभागीय मंत्री और नौकरशाहों के चहेतों को काम बांट दिया गया।ड्ढr ड्ढr उन्होंने जानना चाहा है कि क्या कारण है कि विभागीय मंत्री के बदलते ही तांतिया कंपनी से काम छीन लिया गया। अब अधिकतर सड़कों पर केवल अलकतरा का काम बाकी है। अभी अलकतरा का दाम अनुबंध के समय से काफी अधिक हो गया है। इससे काम छीने जाने से तांतिया को ही लाभ होगा। 157 करोड़ की पटना शहर प्रोजेक्ट योजना की लागत अब 280 करोड़ हो गई है। उन्होंने कहा है कि अब तक जो निर्माण कार्य हुआ है उसकी गुणवत्ता भी मानक के अनुसार नहीं है। बरसात में राजधानीवासियों को एक तरफ तो मौत के गड्ढों का सामना करना पड़ेगा वहीं अर्धनिर्मित सड़क बरसात के पानी में बह जाएगी। उन्होंने कहा है कि पटना शहर रोड प्रोजेक्ट व कंकड़बाग ड्रेनेज योजना इस सरकार के लिए वाटरलू साबित होगी।ं

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