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बाधाओं के बावजूद एवरेस्ट पहुंचेगी मशाल

भारी बर्फबारी की वजह से उत्पन्न हुई बाधा के बीच बीजिंग आेलंपिक की मशाल को दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट पर पहुंचाने की महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिए 22 तिब्बती नागरिकों समेत 31 पर्वतारोही अभियान की नए सिरे से योजना बनाने और शिविरों के मरम्मत कार्य में जुटे हैं। चीन की पर्वतारोही टीम के प्रवक्ता झांग झीजियान ने आेलंपिक मशाल को एवरेस्ट पर पहुंचाने के लिए चुनी गई टीम की मंगलवार को घोषणा की। उन्होंने हालांकि इस अभियान की शुरुआत की तारीख के बारे में साफतौर पर कुछ नहीं बताया। झींजियान ने हालांकि यह जरूर कहा कि गुजरे हफ्ते में हुई भारी बर्फबारी से बीजिंग आेलंपिक की मशाल को दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी पर ले जाने की योजना को हल्का झटका लगा है। उन्होंने कहा कि भारी बर्फबारी की वजह से तयशुदा रास्ते बंद होने के साथ-साथ हमारे शिविर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इससे हमारी योजनाआें पर कुछ न कुछ असर जरूर पड़ा है। हमारी मशाल वाहक पर्वतारोही टीम रास्तों को फिर से बनाने और टूट-फूट गए शिविरों की मरम्मत में जुटी हुई है। गौरतलब है कि एवरेस्ट पर ले जाई जाने वाली आेलंपिक मशाल की योति वास्तविक मशाल से ली गई है। आयोजक इस मशाल को एवरेस्ट पर ले जाने की मुहिम को बहुत गुप्त रखना चाहते हैं, क्योंकि वे इस अभियान के भी विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित होने को लेकर आशंकित हैं। गौरतलब है कि चीन विरोधी प्रदर्शनों का साया इस साल अगस्त में बीजिंग में होने वाले आेलंपिक खेलों की मशाल रिले पर भी पड़ा है। मशाल रिले को लंदन पेरिस सेन फ्रांसिस्को तथा दिल्ली समेत कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा था।

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