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लाइसेंस की बाध्यता खत्म कर सरकार

टॉक सीमा निर्धारण को लेकर चैंबर का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को खाद्य आपूर्ति एवं जनवितरण प्रणाली मंत्री कमलेश सिंह से मिला। वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्तमान में जो स्टॉक सीमा निर्धारित की गयी है, वह 1में लागू स्टॉक सीमा की आधी से भी कम है। लाखों टन अनाज की आपूर्ति का भार मुक्त व्यापार कर रहे व्यापारियों पर है। पिछले 28 वर्षो में आबादी में कई गुणा वृद्धि हुई है। बाजार समिति में सीमित स्थान से थोक व्यवसायियों की संख्या में वृद्धि नहीं हुई है। ऐसे में आपूर्ति व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो सकती है। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि धारा सात के तहत ईसी लाइसेंस लेने की बाध्यता से व्यवसायियों ने खाद्यान्न मंगाना बंद कर दिया है। वे इस व्यवसाय से पलायन करने की सोच रहे हैं। इस मुद्दे पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में व्यवसायी खाद्यान्न मंगाना बंद कर देंगे। प्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन नगण्य है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि वे जल्द ही इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से बात करंगे। स्टॉक निर्धारण के मामले में अधिकारियों को निर्देश दे दिया जायेगा कि पहले के स्टॉक में छापामारी नहीं की जाये। प्रतिनिधिमंडल में चैंबर के अजरुन प्रसाद जालान, अंचल किंगर, सोनी मेहता, सतीश तुलस्यान, शंभू गुप्ता, हरि कनोडिया और संतोष सिंह शामिल थे। ं

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