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यातायात व्यवस्था सुधारने को कंसलटेंट नियुक्त होंगे

प्रदेश के सात महानगरों की यातायात व्यवस्था सुधारने और शहर का सुनियोजित विकास करने के लिए कंसलटेंट नियुक्त करने का निर्णय लिया है। ये कंसलटेंट अगले एक महीने के अंदर नियुक्त कर दिए जाएँगे। वे यह अध्ययन करंगे कि महानगर की यातायात व्यवस्था में कैसे सुधार लाया जाए।ड्ढr प्रमुख सचिव आवास हरमिन्दर राज सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को एक बैठक हुई। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि अबर रियुनेशन आफ ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन के तहत महानगरों की यातायात व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए। इसी योजना के तहत मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए दिल्ली मेट्रो ट्रेन कारपोरशन बतौर कंसलटेंट नियुक्त किया गया है। डीएमटीसी तीन महीने में यह बताएगी कि किन शहरों में कितनी क्षमता की मेट्रो ट्रेनें कितनी दूरी तक चलाई जाएँ।ड्ढr आज की बैठक में विभिन्न विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने बताया कि नई प्रस्तावित ट्रैफिक व्यवस्था के शुरू होने के बाद शहरों में परिवहन और यातायात व्यवस्था में क्रांति आ जाएगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राम बहादुर ने लखनऊ में आउटर रिंग रोड, सड़कों के चौड़ी करण और नए-नए फ्लाई ओवरों के प्रस्ताव रखे। इसी प्रकार के प्रस्ताव कानपुर, मेरठ और आगरा विकास प्राधिकरण से भी आए। बैठक में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष कैप्टन एसके द्विवेदी ने तीन मंजिल वाले फ्लाई ओवरों के प्रस्ताव पेश किए। इनकी लम्बाई करीब 18 किलोमीटर होगी।मेरठ विकास प्राधिकरण ने शहर में तीन फ्लाई ओवर और सड़कों के चौड़ीकरण की योजना प्रस्तुत की। उसके अलावा 68 किलोमीटर लम्बी और 100 मीटर चौड़ी आउटर रिंग रोड की योजना भी प्रस्तुत की।ड्ढr कैप्टन एसके द्विवेदी ने जो योजना प्रस्तुत की उसके मुताबिक गाजियाबाद में 44 किलोमीटरड्ढr लम्बी मेट्रो ट्रेन की आवश्यकता दर्शाई गई है। 4400 करोड़ रुपए की यह योजना पाँच चरणों में पूरी होने की बात कही गई। इसके अलावा तीन मंजिला तीन फ्लाई ओवर बनाने का भी प्रस्ताव पेश किया गया।

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