class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भीषण गर्मी में ट्रन भी लेट। कोई तीन तो कई दस घंटे तक। लगभग दो दर्जन ट्रनें मंगलवार को लेटलतीफ पहुंचीं। अब यात्रियों की फजीहत तो तय ही समझिए। उन्हें कोई सही-सही जानकारी तक देने वाला नहीं। इधर-उधर ट्रनों के बारं में पता लगाने को यात्री भटकते रहे। पटना जंक्शन पर ऐसे यात्रियों की दिनभर भीड़ लगी रही। वेटिंग रूम में भी जगह मिलनी मुश्किल। प्लेटफार्म पर ठंडा पानी के लिए यात्रियों की लंबी लाइन।ड्ढr ड्ढr पटना जंक्शन पर मंगलवार को ऐसा ही नजारा दिखा। यात्रियों से ठसमठस रहे अधिसंख्य प्लेटफार्म। टिकट काउंटर के बाहर भी यात्री सामान लेकर पड़े रहे। काउंटर पर भी यात्रियों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं। दिल्ली से आने वाली कई प्रमुख ट्रनों ने अपनी लेटलतीफी से यात्रियों को रुला दिया। जनसाधारण लगभग साढ़े नौ घंटे तो मगध छह घंटे लेट पहुंची। जनसाधारण यहां से दिल्ली के लिए नियत समय से लगभग पांच घंटे देर से खुली। वहीं मगध को पटना से ही लौटाया गया। सूत्रों के अनुसार 2505 नार्थईस्ट सवा सात घंटे, 2368 विक्रमशिला चार घंटे 20 मिनट, 304अमृतसर मेल आठ घंटे पचास मिनट, 3287 दक्षिण बिहार साढ़े सात घंटे, 5636 ओखा-गुवाहाटी सात घंटे, 2357 हावड़ा-मुबई मेल छह घंटे 30 मिनट, 3040 जनता चार घंटे, 3401 भागलपुर इंटरसिटी तीन घंटे 40 मिनट, 5281 कोसी एक्सप्रस सवा तीन घंटे, 303जनता सवा तीन घंटे, 8622 हटिया साढ़े तीन घंटे, 5631 बीकानेर-गुवाहाटी ढाई घंटे, 2335 दादर-भागलपुर सौ मिनट, 635एर्नाकुलम सवा तीन घंटे, 3133 अपरइंडिया ढाई घंटे, 3111 लालकिला चार घंटे पचास मिनट देर से पहुंची।

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