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केंद्र सरकार ने झारखंड के पर कतरअजय शर्मा रांची?3द्वद्यज्ठ्ठड्डद्वद्गह्यश्चड्डष्द्ग श्चrद्गथ्न्3 = o ठ्ठह्य = ह्वrठ्ठज्ह्यष्द्धद्गद्वड्डह्य-द्वन्ष्roह्यoथ्ह्ल-ष्oद्वज्oथ्थ्न्ष्द्गज्oथ्थ्न्ष्द्ग

ेंद्र के एक निर्देश से झारखंड सरकार के होश उड़ गये हैं। निर्देश है कि अब आइपीएस अफसरों को प्रोन्नति देने से पहले उसे केंद्र सरकार से सहमति ली जाये और अनाप-शनाप प्रोन्नति बंद की जाये। साथ ही कैडर पद पर नियुक्त नन कैडर अधिकारी को बदलने को भी कहा गया है। केंद्र सरकार का यह निर्देश छह मई को गृह विभाग को मिला। सीएम उस समय सचिवालय में ही थे। तुरंत फाइल उनके के पास भेज दी गयी। अभी हो यह रहा था कि यदि कोई अफसर रिटायर हो गया या पद खाली है, तो प्रोन्नति दे वहां पदस्थापन कर दी जाती थी। अब यह संभव नहीं हो पायेगा। केंद्र ने निर्देश दिया है कि डीआइजी में सुपर टाइम स्केल पाने के लिए अब अधिकारी को कम से कम 14 साल तक इंतजार करना होगा और आइजी बनने के लिए 18 साल। यानी आइजी में सुपर टाइम का स्केल 18 साल बाद मिलेगा। वह भी ऐसे अधिकारियों को मिलेगा, जो मिड कैरियर ट्रनिंग कर चुके होंगे। प्रोन्नति के लिए इसे आवश्यक शर्त बना दिया गया है। जूनियर एकेडेमिक गड्र का वेतनमान अब नौ साल के बाद ही मिल सकेगा। सेलेक्शन गड्र या इससे ऊपर के वेतनमान में भी प्रोन्नति के लिए केंद्र की सहमति जरूरी है। निर्देश है कि प्रोन्नति देकर केवल केंद्र को सूचित करने से काम नहीं चलेगा। केंद्र की हरी झंडी के बाद ही अब अधिकारी को प्रोन्नति दी जाये। बताते चलें कि झारखंड में कई अधिकारी आइजी के पद पर हैं, जिनके समतुल्य अधिकारी पड़ोसी राज्य बिहार में अब भी डीआइजी ही हैं।

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