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मजदूर यूनियन की पहल पर तीन वर्षीय नितिन मुक्त

झारखंड जन शक्ित मजदूर यूनियन की पहल पर आखिरकार आजमगढ़ जिले के रमनापाड़ थाना से तीन वर्षीय नितिन को छुड़ा लिया गया। आजमगढ़ जिलाधिकारी के कड़े रुख को देखते हुए ईंट भट्ठा संचालक सात बंधक मजदूरों समेत बच्चे को छोड़ कर भाग निकला। हालांकि दो महिलाएं आज भी गायब हैं। बेटे को देखते ही मां (तारमणि) की आंखें छलक उठीं। बाप अरुण से भी नहीं रहा गया और बेटे को देख रो पड़े।ड्ढr गुमला भरनो के डोंबा गांव के अरुण कुमार महतो की यह दुखभरी कहानी किसी को भी अंदर से हिला कर रख देगी। पेट की ज्वाला शांत करने के लिए वे अपने गांव के अन्य लोगों के साथ कमाने परदेश गये थे। वहां उन्होंने देखा कि महिला मजदूरों का शारीरिक शोषण किया जाता है। विरोध करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। एक दिन मौका देख अरुण अपनी पत्नी और बेटे को साथ ले भागने की कोशिश की पर ईंट भट्ठा संचालक मो शमीम ने उसके बेटे को पकड़ कर बंधक बना लिया। वे भाग कर रांची आये और यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष उदय शंकर ओझा से मिले। ओझा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी शिकायत श्रमायुक्त से की। श्रमायुक्त ने आजमगढ़ के जिलाधिकारी को पत्र लिख कर झारखंड के बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने का आग्रह किया। नतीजा आठ मजदूर तो बच गये। पर एक को मार डाला गया है और दो महिलाएं लापता हैं।ड्ढr आजमगढ़ गये यूनियन के राकेश सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा तीनों महिला मजदूरों को खोजने का प्रयास जारी है।

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  • Web Title: मजदूर यूनियन की पहल पर तीन वर्षीय नितिन मुक्त