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हवा का रुख भाँप रहे हैं दोनों धड़े

पूर्व केन्द्रीय इस्पात राज्यमंत्री अखिलेश दास के लिए कांग्रेस छोड़ने के सवाल पर उनके करीबी माने जाने वाले नेताओं ने फिलहाल चुप्पी साध ली है। अखिलेश समर्थक तेल की धार देखने का इंतजार कर रहे हैं। सिराज मेंहदी और हनुमान त्रिपाठी जसे नेता न कांग्रेस की बैठक में आए और न श्री दास के स्वागत में गए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष के इस्तीफे के बावजूद एक भी ब्लाक अध्यक्ष ने पार्टी नहीं छोड़ी।ड्ढr कांग्रेस नेता नसीब पठान को विधान परिषद सदस्य बनाने में अखिलेश दास ने अहम भूमिका निभाई। वह श्री दास के सबसे करीबी थे। लेकिन फिलहाल श्री पठान कांग्रेस छोड़ने के मूड में नहीं हैं। विधान परिषद में उनकी दो साल की विधायकी बाकी है। वह इसे गँवाना नहीं चाहते। कांग्रेस उपाध्यक्ष सिराज मेंहदी श्री दास के करीबी माने जाते हैं। जगदम्बिका पाल के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद से वह पार्टी में उपेक्षित हैं। सलमान खुर्शीद के कार्यकाल में उन्हें पीसीसी में उपाध्यक्ष बनाया गया लेकिन वह किसी बैठक में नहीं बुलाए गए। हाईकमान सुनता नहीं। श्री मेंहदी भी कांग्रेस से बहुत खुश नहीं। हालांकि उन्हें रोकने के लिए दिल्ली से लेकर लखनऊ तक के कांग्रेस नेता सक्रिय हो गए हैं।ड्ढr बुधवार की बैठक में उन्हें बुलाया गया लेकिन वह नहीं आए। जब श्री मेंहदी से बैठक में नहीं आने का कारण पूछा गया तो उनका कहना था कि मंगलवार की रात रीता बहुगुणा का फोन आया था लेकिन उन्होंने किसी बैठक का जिक्र नहीं किया इसलिए वह बैठक में नहीं गए। कांग्रेस से इस्तीफा देने के बार में फिलहाल श्री मेंहदी कुछ कहने को तैयार नहीं। पीसीसी उपाध्यक्ष हनुमान त्रिपाठी भी श्री दास के करीबी माने जाते हैं। वह पिछले 33 साल से कांग्रेस से जुड़े हैं। हाल ही में उन्होंने ‘कांग्रेस का इतिहास’ नाम की किताब भी लिखी है। पिछले कई साल से त्रिपाठी भी पार्टी में उपेक्षित हैं। यूपी कांग्रेस प्रभारी दिग्विजय सिंह से लेकर कई बड़े नेता श्री त्रिपाठी को समझाने में जुटे हैं। बदले हालात में श्री त्रिपाठी भी अपने राजनीतिक नफा नुकसान का आकलन कर रहे हैं।ड्ढr आगरा से पूर्व विधायक आजाद कुमार कर्दम और ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह जसे नेता भी फिलहाल खामोश हैं। यही हाल लखनऊ के छोटे नेताओं का है। अब तक किसी ब्लाक अध्यक्ष ने कांग्रेस से इस्तीफा नहीं दिया। प्रदेश कांग्रेस की बैठक में एक दर्जन से ज्यादा सभासद आए लेकिन इनमें से कई शाम को श्री दास के स्वागत में अमौसी एयरपोर्ट भी पहुँच गए।ड्ढr चूहा-बिल्ली की राजनीति के इस खेल में सब कांग्रेस और अखिलेश दास के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

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