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अग्नि-3 ने सटीक निशाना साधा

भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम और लंबी दूरी तक मार करने वाले बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-तीन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह प्रक्षेपास्त्र तीन हजार किलोमीटर तक मार कर सकेगा और इसकी परिधि में चीन और पाकिस्तान का काफी दूर तक का इलाका आ जाएगा। ठोस ईंधन से संचालित यह प्रक्षेपास्त्र उड़ीसा के तटवर्ती ह्वीलर द्वीप से सुबह मिनट पर छोड़ा गया। उसने हिंद महासागर में पहले से तय किए गए लक्ष्य को आठ सौ सेकेण्ड में ध्वस्त कर दिया। इसने अपने पूर रंज में एकदम सटीक मार की।ड्ढr ड्ढr इस प्रक्षेपास्त्र के सफल परीक्षण के साथ ही भारत के लिए अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल अग्नि-4 बनाने का रास्ता साफ हो गया। इससे उत्साहित डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने घोषणा की कि अब यह प्रक्षेपास्त्र सेना में शामिल किए जाने के लिए तैयार है। इस सफलता के बाद भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया जिनके पास तीन हजार किमी तक मार करने वाले मध्यम रंज के प्रक्षेपास्त्र हैं। डीआरडीओ के लिए यह स्वर्ण जयंती का उपहार जैसा है क्योंकि यह संगठन सोमवार से अपनी पचासवीं वर्षगाँठ मनाने जा रहा है। भारत ने इस प्रक्षेपास्त्र का पहला परीक्षण 0जुलाई 2006 को किया गया था लेकिन यह विफल रहा जबकि दूसरा सफल परीक्षण 12 अप्रैल 2007 को हुआ था।ड्ढr ड्ढr पहला परीक्षण विफल होने का कारण प्रक्षेपास्त्र दागे जाने के बाद ही वैज्ञानिकों ने इस पर से नियंत्रण खो देना था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अप्रैल 2007 में इस प्रक्षेपास्त्र का दूसरा परीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि तीसरा परीक्षण प्रक्षेपास्त्र की भार वहन और पेलोड क्षमता बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया।

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