अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

करार के लिए कुछ भी कर सकता है यूएस : वाम

वामपंथी पार्टियां ने भारत केन्द्रित परमाणु सुरक्षा उपायों पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ समझौते को हरी झंडी मिलने की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आशावादिता को निराधार बताया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में भारत-अमरीका परमाणु करार के समाप्तप्राय होने के दावों के मद्देनजर वरिष्ठ नेता एबी वर्धन ने आगाह किया है कि अमेरिका अपने निहित स्वाथर्ों की खातिर इस करार पर अमल के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। परमाणु करार पर कांग्रेस नीत सत्तारुढ़ प्रगतिशील गठबंधन तथा वाम दलों की 15 सदस्यीय समिति की इसी सप्ताह आठवीं बैठक के बाद इसके समाप्तप्राय होने की चौतरफा चर्चा के बीच भाकपा के महासचिव एबी बर्धन ने यह चेतावनी दी। उन्होंने फिलहाल भले यह बेकार पड़ा है, लेकिन करार अभी मरा नहीं है। राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह में शिरकत के बाद संवाददाताआें से चर्चा में आईएईए से समझौते को वाम दलों द्वारा हरी झंडी दिए जाने की प्रधानमंत्री की आशा को बेबुनियाद बताते हुए भाकपा नेता ने आगाह किया कि अमेरिकी प्रशासन अपने व्यापारिक- राजनीतिक एवं सामरिक हितों की खातिर भारत के साथ परमाणु करार को अमली रूप देने के लिए अपने नियमों में फेरबदल तक कर सकता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: ‘करार के लिए कुछ भी कर सकता है यूएस’