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एटमी करार का किया समर्थन

हिलेरी क्िलंटन क चुनाव प्रचार अभियान के प्रमुख टैरी मेक्युलिफ न कहा है यदि हिलेरी अमेरिका की राष्ट्रपति बनीं तो भारत-अमेरिका संबंध और बहतर होंग। टैरी ने कहा कि हिलेरी ने कभी भी भारत-अमेरिका परमाणु करार का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा कि हिलेरी ने सीनेटर होने के नाते दोनों देशों के बीच रिश्तों को मजबूत करने का काम ही हमेशा किया है और वह पूरी तरह परमाणु करार के पक्ष में हैं। आउटसोर्सिग मामले पर हिलेरी के टिप्पणी के बाबत सफाई देते हुए टैरी ने कहा कि वह कभी भी भारत के खिलाफ नहीं थीं। जब भी उन्होंने आउटसोर्सिग के बार में बात की तो उनका निशाना चीन था, भारत नहीं। हिलेरी ने पिछले दिनों प्रचार अभियान के दौरान कहा था कि वह आउटसोर्सिग की वजह से देश के रोगार को बाहर जाने से रोकेंगी। वह देश के पैसे को बाहर नहीं जाने देंगी। अब उनके प्रचारक ने इस मसले पर सफाई देते हुए कहा, ‘हिलेरी ने अपनी भाषा में चीन को निशाना बनाया था। जाहिर है कि वह हर बार चीन के बार में ही बात कर रही थीं। जब-ाब आउटसोर्सिग की बात आई, मैंने कभी भी उन्हें भारत के संदर्भ में बात करते नहीं सुना।’ टैरी न एक साक्षात्कार मं कहा कि हिलरी न बिल क्िलंटन क कार्यकाल मं कई बार भारत का दौरा किया था। वह अमरिकी भारतीय समुदाय मं काफी लोकप्रिय हैं। हिलरी न पिछल साल परमाणु समझौत क विरोध मं वोट दिया था, लकिन बाद मं हिलरी न परमाणु समझौत का समर्थन करन का निश्चय किया। दूसरी तरफ उनक प्रतिद्वंद्वी बराक ओबामा क समर्थकों न हिलरी को पंजाब की सीनटर कहकर आलोचना की है।ं

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