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अर्धसैनिकों को सेना के समान भत्तों का प्रस्ताव

देश के दुर्गम सरहदी इलाकों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को अब सेना के जवानों के बराबर भत्ते मिल सकेंगे। अर्धसैनिक बल अरसे से इसकी मांग कर करते रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दुर्गम इलाकों में सेवा कर रहे इन बलों के जवानों को 25 से 45 प्रतिशत भत्ता देने का प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव की मंजूरी के साथ ही अर्धसैनिक बलों को भी सेना के बराबर आर्थिक लाभ मिल सकेगा। गृह मंत्रालय द्वारा पेश इस प्रस्ताव का आधार यह है कि सीमा पर अग्रिम मोर्चे और नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात केंद्रीय पुलिस के लाखों जवान भी उतनी ही कठिन जिंदगी जीते हैं, जितने कि सैनिक। लिहाजा उनके साथ बराबरी का व्यवहार होना चाहिए। यह प्रस्ताव समान कार्य के लिए समान वेतन पर आधारित है। केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवानों को सेना के मुकाबले अभी दुर्गम क्षेत्र व ऊंचाई इलाका भत्ते का मात्र पांचवा हिस्सा मिलता है। उन्हें सशस्त्र जवानों की तरह सीमा क्षेत्रों में काम करने के लिए अलग से कोई भत्ता नहीं मिलता। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी नेबताया कि इस असमानता को दूर करने के कैबिनेट नोट के प्रारूप को संबंधित मंत्रालय की टिप्पणी के लिए ोजा गया है।

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  • Web Title: अर्धसैनिकों को सेना के समान भत्तों का प्रस्ताव