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छात्रों पर रखी जायेगीपैनी नजर

छात्रों का स्कूल में ठहराव सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने रणनीति तैयार कर ली है। इस बार छात्रों पर पैनी निगाहें रखी जायेगी। हर महीने प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक बैठक होगी। छात्र उपस्थिति पर विस्तृत चर्चा होगी। जरूरत पड़ी तो स्कूल नहीं आनेवाले छात्र के घर तक शिक्षक-पदाधिकारी दस्तक देंगे। स्कूल चलें हम अभियान के तहत पांच लाख 1065 छात्रों का नामांकन किया गया है। उक्त जानकारी शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने आठ मई को पत्रकारों से बातचीत में दी। बताया कि सीआरपी को भी स्कूल का निरीक्षण कर रिपोर्ट एसपीडी को देने का निर्देश दिया गया है। सीआरपी सप्ताह में पांच से सात स्कूलों का भ्रमण करंगे। इस दौरान वे स्कूल की आधारभूत संरचना और संसाधन की सूचनाएं भी देंगे। राज्य कार्यालय में प्रत्येक दिन 40 सीआरपी के साथ बैठक होगी। राज्य स्तर पर हरक जिलों के लिए एक-एक टास्क फोर्स बनेगा। मंत्री ने कहा कि रिटायर सैनिक को भी जिला कमेटी में रखा जायेगा। प्रत्येक दो प्राइमरी स्कूल पर एक मिडिल स्कूल होंगे। 431 क्षीएस को प्राइमरी स्कूल में अपग्रेड किया जाना है। बालिका शिक्षा एवं आदिम जनजाति को शिक्षा देने के लिए प्रत्येक जिलों में छह सेंटर खुलेंगे। इस पर केंद्र ने मुहर लगा दी है। कामकाजी मुसलिम बच्चों के वोकेशनल ट्रेनिंग के लिए 40 सेंटर खोले जायेंगे।

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