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पूर्व मंत्रियों को मिल सकती राहत

मंत्रिमंडल से हटाए गए मंत्रियों को अपने आवास को लेकर ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ऐसी व्यवस्था करने में जुटी है कि पूर्व मंत्रियों को अपना आवास भी खाली नहीं करना पड़े और नये मंत्रियों को आवास भी मिल जाए। वैसे भी राज्य सरकार के लिए एक राहत की बात यह हुई है कि कई नये मंत्रियों ने लिखकर दे दिया है कि उन्हें नये आवास की जरूरत नहीं है। वे अभी जिस आवास में हैं वही उनके लिए ठीक है। मंत्रिमंडल के पुनर्गठन के बाद इस बात को लेकर चर्चा तेज थी कि नये मंत्रियों के लिए पूर्व मंत्रियों को आवास खाली करने होंगे। कई पूर्व मंत्रियों ने तो आवास की व्यवस्था को लेकर विधानसभाध्यक्ष को पत्र भी लिखा था।ड्ढr ड्ढr हालांकि भवन निर्माण एवं आवास विभाग को अभी भी नये मंत्रियों के लिए अधिकतम आधा दर्जन आवासों की व्यवस्था करनी है। इधर आवास की समस्या को लेकर भवन निर्माण एवं आवास मंत्री छेदी पासवान ने विधानसभाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी के साथ बैठक की। इसमें सेंट्रल पूल के कुछ आवासों को विधानसभा के पूल में देने और विधानसभा के कुछ आवासों को सेंट्रल पूल में लेने को लेकर चर्चा हुई।ड्ढr ड्ढr बताया जाता है कि इसमें तीन आवासों की समस्या का समाधान हो गया। आवास के मसले को लेकर विधान परिषद के सभापति के साथ भी मंत्री की बैठक होगी। आवास मंत्री श्री पासवान ने कहा कि मंत्रियों के लिए आवास कोई समस्या नहीं है। वैसे भी पूर्व मंत्रियों को दो महीने तक आवास में रहने का हक है। इसके बाद वे लोग स्वेच्छा से छोड़ना चाहें तो ठीक है नहीं तो सरकार कोई दबाव नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि वे लोग भी अपने ही दल के लोग हैं। इसे राजनीतिक मसला बनाना ठीक नहीं है।

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