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महचा पांच मिनट चली निगम बोर्ड की बैठक

गुरुवार को हुई निगम बोर्ड की बैठक महा पांच मिनट ही चल पायी। जसे ही बैठक शुरू हुई मेयर ने घोषणा की कि बजट में पारित 33 योजनाओं को पास कर दिया जाएगा और उसे सरकार के यहां स्वीकृति के लिए भेज दिया गया। मेयर की यह घोषणा करते ही पूर्व महापौर कृष्णमुरारी यादव व विनय कुमार पप्पू के नेतृत्व में पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। पार्षदों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मेयर ने बैठक को स्थगित करने की घोषणा कर दी। बैठक स्थगित करने की घोषणा होते ही पार्षदों ने जबरदस्त हंगामा शुरू कर दिया।ड्ढr ड्ढr पार्षदगण दो गुट में बंट गए। मेयर समर्थक गुट में सभी स्थायी समिति सदस्य थे, वहीं विरोधी गुट में अधिकांश पार्षद थे। विरोधी गुट का कहना था कि जिन योजनाओं को महापौर ने स्वीकृति प्रदान की उस पर चर्चा करानी चाहिए थी। उन्होंने इसे सरकारी योजनाओं की राशि के लूट-खसोट का मामला बताया। पार्षदों के हंगामे के बीच जब पटना मध्य के विधायक अरुण कुमार सिन्हा मेयर के पक्ष में बोलना शुरू किया तो उन्हें भी पार्षदों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। जब उन्होंने कहा कि मेयर का विशेषाधिकार होता है कि वह सभी पार्षदों की तरफ से किसी भी योजना को स्वीकृति प्रदान कर सकता है तो इस पर पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया।ड्ढr ड्ढr वार्ड 10 के पार्षद सुनील कुमार ने कहा कि अगर मेयर ही सभी योजनाओं को पास कर सकते हैं तो बोर्ड व स्थायी समिति की क्या आवश्यकता है। पूर मामले पर उप महापौर संतोष मेहता का कहना था कि महापौर को बैठक स्थगित करने के बजाए योजनाओं पर चर्चा करानी चाहिए थी। वहीं पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी यादव ने कहा कि निगम बोर्ड की लगातार अनदेखी की जा रही है। हम किसी विकास योजना का विरोध नहीं कर रहे लेकिन विकास के कार्य केवल गिने-चुने वार्डो में क्यों? पार्षदों के इस हंगामे के बीच उन्हें शांत कराने के बजाए नगर आयुक्त व महापौर वहां से निकल लिए। हालांकि अन्य पदाधिकारी वहां उपस्थित थे लेकिन पार्षदों को शांत कराने में लगे विधायक को काफी फाीहत झेलनी पड़ी।ड्ढr ड्ढr नहीं हुई योजनाओं पर बातड्ढr पटना (हि.प्र.)। निगम बोर्ड की बैठक के स्थगित होने से जनहित के कई मामलों पर विचार नहीं किया जा सका। विपक्ष के हंगामे के कारण मात्र पांच मिनट में ही बोर्ड की बैठक को स्थगित कर दिया गया। इस बीच महापौर ने वित्तीय वर्ष 2008-0े बजट को संपुष्ट करा लिया। इसके अलावा पांच अन्य मामलों पर चर्चा नहीं हो पायी। गुरुवार की बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत विकलांग बच्चों के पेंशन मामलों को स्वीकृति दी जानी थी। साथ ही एक बड़े नाले व एक छोटे नाले की उड़ाही, बीपीएल सूची को स्वीकृति और वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित योजनाओं को स्वीकृत किया जाना था। इसके अलावा राजधानी को हाइटेक बनाने की कवायद में बांकीपुर अंचल में बननेवाले शापिंग मॉल को भी स्वीकृति प्रदान की जानी थी।ं

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