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महिलाओं ने विकास का बीड़ा उठाया

जिले के कुचायकोट प्रखंड अन्तर्गत सोनहुला पंचायत के जग्गारामपुर गांव में विकास की किरणें नहीं पहुंची थीं लेकिन अब महिलाओं में स्वयं सहायता समूहों की बदौलत नई चेतना जगी है। इन्होंने अपने पूरे समाज के विकास की जिम्मेवारी भी ले ली है। परिणाम है कि अब मुनिया जसी महिला ग्राम पंचायत की वार्ड सदस्य बन चुकी हैं और साक्षरता कार्यक्रम भी यहां चलने लगा है।ड्ढr ड्ढr नाबार्ड के अधिकारी संजय कुमार गुप्ता के निर्देशन में अयोध्या लाल कल्याण निकेतन के कृपा शंकर श्रीवास्तव द्वारा अल्पसंख्यक बहुल इस जग्गा रामपुर में ग्रामीण बैंक सेमरा बाजार के सहयोग से करीब दस समूहों का गठन कराया गया है। परिणाम यह है कि दो सौ परिवार हंसी-खुशी का जीवन अपने चमड़ा उद्योग, चूड़ी उद्योग, सिलाई-कटाई उद्योग, बकरी पालन, दुकानदारी से चलाने लगे हैं।ड्ढr ड्ढr अली अब्बास रोते हुए कहता है कि इस योजना ने उसके परिवार का र्का उतार दिया। दो-दो पैसे के संचय से जीवन सुधर गया। हफीाा ग्रुप की मुनिया खातून कहती है-चूड़ी उद्योग ने ही उसके परिवार को बसा दिया। पाकीाा समूह की कमरुल नैशा जो पहले लिखना-पढ़ना तक नहीं जानती थी अब अपना नाम पता लिखने लगी है। बस्ती के लोगों ने यह दिखला दिया है कि एकता में बल है।

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