अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

लगातार हार से डगमगाया सहवाग का आत्मविश्वास

चेन्नई से मिली हार ने दिल्ली के कप्तान विरन्दर सहवाग को हिलाकर रख दिया है। इस मुकाबले से एक दिन पहले तक वह आत्मविश्वास से भर हुए थे और 20-20 क्रिकेट में हार-ाीत की परवाह न करते हुए यह तर्क देते रहते थे कि इसमें कभी भी कोई भी हार सकता है। सहवाग को उम्मीद थी कि कोटला में पिछले दो मुकाबलों की तरह इस बार भी जीत का सेहरा मेजबान के सिर बंधेगा। वह इस आंकड़े को दोहराए जाने की उम्मीद कर रहे थे कि, दिल्ली पहले दो मैच जीती, एक हारी और फिर दो मैच जीती थी। इसके बाद फिर एक मैच हारी थी और जब उनसे इस बार में पूछा गया तो उन्होंने मजे लेते हुए कहा था कि, ‘पहले कि तरह एक हार के बाद हम फिर दो जीतेंगे।’ लेकिन इस बार उसे लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। इससे कप्तान और टीम मैनेंजमेंट में चिंता शुरू हो चुकी है। दिल्ली पॉइंट टेबल में सात मैचों में चार जीत और तीन हार के साथ आठ अंक अर्जित कर चौथे नंबर पर है। बुधवार को जब सहवाग से स्पिनर के बार में पूछा था तो उन्होंने बड़े अभिमान के साथ कहा था कि,‘हमारी टीम में दो ही स्पिनर हैं एक मैं और दूसर शोएब मलिक। हम दोनों के रहते किसी और की जरूरत नहीं है। 20-20 में चार अच्छे तेज गेंदबाज चाहिएं और वो हमार पास हैं।’लेकिन मैच में हार और इन दोनों ही ऑफ स्पिनरों की जोरदार ठुकाई हुई तो सहवाग कह उठे ‘टीम को पांंचवें गेंदबाज की कमी खली। इसी वजह से हम नजदीकी संघर्ष में अंतिम गेंद पर हार गए।’सहवाग और मलिक ने दो-दो ओवरों में 30 और 28 रन दिए। दिल्ली के पास अमित मिश्रा के रूप में लेग स्पिनर है जो आक्रामक बल्लेबाजी में भी माहिर है। वह खुड्डे लाइन लगे हुए हैं। अब सहवाग कह रहे हैं उन्हें आने वाले मैचों में मौका दिया जाएगा। मलिक को अंतिम ओवर कराने पर सहवाग का यह तर्क कि, यह टीम का फैसला था, भी उनके कमजोर पड़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है। सहवाग की एक यह भी नीति रही है कि बल्लेबाजी में राइट और लेफ्ट का कंबीनेशन रखा जाए। इस कारण ए बी डीविलियर्स और शिखर धवन की बल्लेबाजी का नंबर तय नहीं हो पाता है। सहवाग और गंभीर ओपनिंग करते हैं तो धवन और डीविलियर्स दोनों को तैयार रहना पड़ता है। सहवाग आउट होते हैं तो डीविलियर्स तीसरे नंबर पर आते हैं और अगर गंभीर आउट हो जाएं तो फिर धवन को उतरते है। यह उनका मैदानी नहीं बल्कि दिमागी खेल है। गुरुवार को दिल्ली के दो लेफ्टहैंडरों गौतम गंभीर और शिखर धवन ने शतकीय साझेदारी निभाई। ये राजस्थान के खिलाफ भी शतकीय साझेदारी निभा चुके हैं। वहीं चेन्नई के दो लेफ्टहैंडरों विद्युत शिवरामकृष्णन और स्टीफन फ्लेमिंग ने मजबूत बुनियाद रखी थी। यह दर्शाता है कि लेफ्ट एंड राइट के कंबीनेशन से ही रन बनने की सहवाग की सोच में दम नहीं हैं। दिल्ली को आठवें मैच में रविवार को टीम राजस्थान से खेलना है। जिसे वह 1अप्रैल को कोटला में एकतरफा मुकाबले में नौ विकेट से हरा चुकी ंहै। लेकिन शुरुआती मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद टीम राजस्थान एकदम से बदल चुकी है और 7 मैचों में सें 5 जीत से 10 अंकों के साथ टीम पंजाब और टीम चेन्नई के साथ टॉप पर है। अब देखने वाली बात यह होगी कि टीम दिल्ली इस मुकाबले से जीत की राह फिर से पकड़ सकेगी या नहीं ?

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: लगातार हार से डगमगाया सहवाग का आत्मविश्वास