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म्यांमार के रवैये से संयुक्त राष्ट्र नाराज

संयुक्त राष्ट्र की संस्था विश्व खाद्य कार्यक्रम ने म्यांमार की सैन्य सरकार (हुंटा) के प्रति नाराजगी जताते हुए राहत सामग्री की आपूर्ति रोक दी है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि म्यांमार सरकार ने तूफान पीड़ितों को ोजी गई टनों राहत सामग्री जब्त कर ली है। ऐसे में उसके पास आगे की राहत सामग्री आपूर्ति रोकने के अलावा और कोई चारा नहीं है। जब तक इस मामले का हल नहीं निकल आता, संयुक्त राष्ट्र राहत सामग्री नहीं ोजेगा। दूसरी तरफ हुंटा के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को फिर कहा कि वह विदेशी सहायता कर्मियों को नहीं आने देगा। वह विदेशी राहत सामग्री का स्वागत करगा, लेकिन इसके वितरण पर सरकार का नियंत्रण बना रहेगा। म्यांमार के सैनिकों ने तूफान पीड़ितों के लिए संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम के तहत भेजी गई खाद्य सामग्रियों की एक बड़ी खेप शुक्रवार को यांगून हवाई अड्डे पर रोक दी। खेप के साथ आए संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम के क्षेत्रीय निदेशक टोनी बैनबरी ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर सैनिक सरकार का यही रवैया रहा तो हमें अपने सहायता कार्य रोकने पड़ेंगे। खेप में 38 टन अति पौष्टिक बिस्कुट भेजे गए हैं। इससे हजार लोगों की भूख मिटाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह मदद जरूरतमंदों तक पहुंचनी चाहिए, लेकिन यह हवाई अड्डे पर यूं ही बेकार पड़ी है। इस बीच हुंटा ने देश में होने वाले जनमतसंग्रह के लिए जनता को देशभक्ित का हवाला देते हुए सैन्य सरकार के पक्ष में मत देने का अनुरोध किया है। सरकारी टीवी पर जनता के नाम प्रसारित संदेश में कहा गया है कि अगर आप राष्ट्रभक्त हैं और अपने देश से प्यार करते हैं तो आप हर हाल में सकारात्मक वोट देंगे।

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