DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

घूसखोरों में भी होता है ‘सेविंग सेंस’

आप जो भी कह लें लेकिन बिहार के रिश्वतखोर अफसरों में ‘सेविंग सेन्स’गजब की है। इनकी शातिराना खोपड़ी के आगे बड़ी-बड़ी इंवेस्टमेंट कंपनियों की स्कीम भी फीकी पड़ जाएगी। विजिलेंस ने इस दर्जे के जिस अफसर की गर्दन पर हाथ डाला उसके बैंक एकाउंट और इंवेस्टमेंट कैपेसिटी देखकर वह भी दंग रह गई। बाल-बच्चों को पढ़ाने-लिखाने, घर मकान बनाने और अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के बावजूद इन्होंने जो धन इकठ्ठा किया है वह दूसर घूसखोर अफसरों के लिए ‘मॉडल’ हो सकता है।ड्ढr ड्ढr विजिलेंस ने हाल के कुछ महीनों में ऐसे घूसखोर अफसरों को दबोच आय से अधिक आठ करोड़ की संपत्ति का पता लगाया है। एक से एक घूसखोर हैं इस पिछड़े बिहार में। विजिलेंस ने जिसकी कुंडली खंगाली वह लखपति ही निकला। उदाहरण के तौर पर पुल निर्माण निगम के एक एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के पास 14 पासबुक में 18 लाख रुपए और विभिन्न शेयरों में 62 लाख के निवेश का पता चला। दो गाड़ियां भी मिलीं। पूर्णिया के क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक के पास पटना में एक और गोलगंज में दो मकान, मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स, स्कूल, जमीन और सिनेमा हॉल का भी पता चला। बोचहां के थानाध्यक्ष के पास मुजफ्फरपुर में जमीन, जमेशदपुर में मकान मिला।ड्ढr ड्ढr उनपर 23 लाख के डीए का मुकदमा दर्ज किया गया। छपरा एनएच डिवीजन के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के दो लॉकर से सात लाख नकद, लगभग दस लाख के एफडी, पासबुक में 6 लाख से अधिक रुपए, पटना में चार प्लॉट और दो फ्लैट मिले। भोजपुर के सहायक वाणिज्यकर आयुक्त के पास लाखों के नकद, 727 ग्राम सोना, एफडी, शेयर्स, पटना में मकान, नोएडा और पटना में एक-एक प्लॉट तथा पत्नी के नाम पर नोएडा में फ्लैट का पता चला। यह तो घूसखोर इंवेस्टरों का एक छोटा ग्रुप है। बेईमानी के ऐसे साक्षात अवतारों की सूची बड़ी लंबी है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: घूसखोरों में भी होता है ‘सेविंग सेंस’