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पटना में माओवादी रामप्रवेश गिरफ्तार

माओवादियों के अग्रणी नेता और ‘थ्री यू सेक’ के मिलिट्री कमीशन के हेड रामप्रवेश बैठा उर्फ सतीश जी उर्फ रंजन को शुक्रवार की सुबह गिरफ्तार करने का दावा पटना पुलिस ने किया है। उत्तर बिहार की सभी विध्वंसक कार्रवाइयों के ‘मास्टर माइंड’ व 50 हजार के इनामी रामप्रवेश के खिलाफ उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों में 33 से अधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के समय तलाशी में उसके पास से नक्सली साहित्य के अलावा और कुछ नहीं मिला। पिछले वर्ष 20 दिसम्बर को मोतिहारी जिले में सीआरपीएफ डीएसपी की हत्या के अलावा मधुबन, जंदाहा, रीगा, शिवहर, सीतामढ़ी समेत अन्य जिलों में हुए बैंक, थाने व अन्य नक्सले हमले के मामले में बिहार पुलिस के साथ ही खुफिया तंत्र भी उसकी तलाश सरगर्मी से कर रहा था।ड्ढr ड्ढr राजनीति शास्त्र से ऑनर्स है रामप्रवेशड्ढr पटना (का.सं.)। नाम रामप्रवेश बैठा। भाकपा (माओवादी) संगठन में सतीश जी उर्फ रंजन के नाम से पहचान। रंग सांवला और उम्र 40 वर्ष। कद- करीब 5 फीट छह इंच और शैक्षणिक योग्यता राजनीति शास्त्र में बी.एस. (ऑनर्स)। मुजफ्फरपुर के आर.डी.एस. कॉलेज से 1में बीए पास कर रामप्रवेश ने उसी कॉलेज में एम.ए. में एडमिशन लिया लेकिन पढ़ाई छोड़ कर नक्सलियों की दुनिया में उतर गया। और फिर देखते ही देखते नक्सली आतंक की एक नई कहानी लिख दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 1में ही रामप्रवेश नक्सलवाद का रास्ता पकड़ चुका था। 2001 में कौड़िया में पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद रामप्रवेश का नाम पहली बार सुर्खियों में आया था। विशेषकर पिछले तीन वर्षो में मधुबन हमला, सीआरपीएफ डीएसपी समेत तीन पुलिसकर्मियों की हत्या, जंदाहा हमला, सीतामढ़ी, रीगा, बैरगनियां, रून्नीसैदपुर, शिवहर आदि जगहों पर बैंक, थाने व अन्य स्थानों पर ताबड़तोड़ हमलों को अंजाम देकर खूनी कहर बरपाते हुए संगठन में उसने अपनी धाक जमा ली।ं

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