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एसजीएसआरवाइ झारखंड में फेल : केंद्र

झारखंड गठन के बाद से एसजीएसआरवाइ (स्वर्ण जयंती शहरी रोगार योजना) की रिपोर्ट केंद्र सरकार को नहीं मिली। केंद्र को यह नहीं मालूम कि झारखंड में यह योजना किस हाल में है। स्लमों से गरीबी हटाने के उद्देश्य से मिनिस्टरी ऑफ हाउसिंग एंड अरबन पोवर्टी एलीवेशन का गठन किया गया। मिनिस्टरी के एसके त्रिपाठी ने बताया कि केंद्र सरकार झारखंड में इस योजना पूरी तरह से फेल मान रही है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में बीपीएल सव्रे तक नहीं हुए हैं। वे शुक्रवार को अरबन एंड इनवॉयरमेंटल स्टडीा के बैनर तले होटल अशोका में आयोजित सेमिनार में भाग लेने यहां पहुंचे थे। सेमिनार में यह बात सामने आयी कि देश में झारखंड इकलौता प्रदेश है, जहां स्लमों के विकास की ईमानदार कोशिश नहीं हुई।ड्ढr मासिक आमदनी 451 रुपयेड्ढr आरसीयूइएस लखनऊ के असिस्टेंट डायरक्टर डॉ एके सिंह ने कहा कि झारखंड में गरीबी रखा के नीचे रहनेवाले प्रति व्यक्ित की मासिक आमदनी 451 रुपये है, जबकि उत्तराखंड में 638 रुपये है।

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