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मैं तो इमरचोंसी का विरोधी था: अजरुन

ांग्रेस में वफादारी को लेकर एक नयी बहस शुरू हो गयी है। पार्टी के नेता, मानव संसाधन मंत्री अजरुन सिंह ने शुक्रवार को रहस्योद्घाटन किया कि वह इमरोंसी के विरोधी थे। उन्हें इसके दुरुपयोग की आशंका थी।ड्ढr अजरुन ने सार्वजनिक जीवन में 51 वर्ष पूरा करने के उपलक्ष्य में उनपर कें्रदित पुस्तक ‘मोंहि कहां विश्राम’ के लोकार्पण के अवसर पर कई तरह के तीर छोड़े। उन्होंने कहा, ‘आज कल वफादारी का मूल्यांकन सीमित दायर में होने लगा है। लेकिन नेहरू-गांधी परिवार में वफादारों की पहचान की असीम क्षमता है।’ दूसरी तरफ पार्टी के महासचिव आरके धवन ने कहा कि वफादारी का मतलब यह नहीं कि आप जो कुछ कहते जायें, आंख मूंद उसे मानते जायें। धवन के अनुसार सिंह का बयान उनकी हताशा का परिचायक है। यह महा संयोग नहीं था कि सोनिया, राहुल और कांग्रेस का कोई बड़ा पदाधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। प्रधानमंत्री का नाम आमंत्रितों में नहीं था। लेकिन वह आये। हालांकि उन्होंने कहा कुछ भी नहीं। यह किताब कन्हैया लाल नंदन ने संपादित की है।

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  • Web Title: मैं तो इमरचोंसी का विरोधी था: अजरुन