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नर्गिस प्रभावितों का पलायन

म्यांमार में सैनिक सरकार के अड़ियल रवैये के कारण तूफान प्रभावित इलाकों में अब तक व्यापक पैमाने पर राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में नर्गिस से तबाह कई इलाकों में लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। इस बीच, सरकारी टेलीविजन की खबरों में बताया गया है कि तूफान में अब तक 28,458 लोगों की जान गई है जबकि 33416 लापता हैं। इस बारे में प्रसारित संक्षिप्त खबरों में 1404 लोगों के घायल होने की बात भी कही गई है। इसके अलावा इसमें विस्तार से कुछ भी नहीं बताया गया। धर, तूफान स तबाही क बावजूद कराय गए जनमत संग्रह क परिणाम आशा क अनुरूप सैनिक शासन द्वारा बनाए गए संविधान क पक्ष मं ही जा रह हैं। सैनिक शासक हुंटा क नजदीकी सूत्रों क अनुसार यांगून डिवीजन क कोकोग्यान शहर क सौ प्रतिशत लोगों न नए संविधान क पक्ष मं वोट दिए हैं। मांड्लया मं 0 प्रतिशत और तेकीलेक मं लागों न नया संविधान स्वीकार किया। सैन्य सरकार संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य सभी विदेशी सहायता के बारे में अभी भी अड़ियल रवैया अपनाए है। वह सहायता तो ले रही है लेकिन सहायता कर्मियों को प्रवेश की इजाजत नहीं दे रही। लिहाजा दूरदराज के इलाकों में राहत कार्य बहुत धीमी गति से चल रहे हैं। इरावदी डेल्टा क्षेत्र के लाबुटा में जहां 80 फीसदी घर तूफान से तबाह हो चुके हैं सहायता के नाम पर लोगों को रोजाना बस एक कप चावल ही नसीब हो रहा है।ड्ढr इस बीच, फ्रांस ने सहायता पर अपने पूर्व के बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि उसका इरादा बिना सुरक्षा परिषद की अनुमति के किसी देश में जबरन राहत सामग्री पहुंचाने का नहीं है लेकिन वह राहत सामग्रियों से लदा अपना एक जहाज मिस्ट्राल भारतीय समुद्री जल क्षेत्र में रवाना कर चुका है।ड्ढr मृतक आंकड़ा 15 लाख तक मुमकिन : अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘ऑक्सफेम’ का कहना है कि यदि नर्गिस तूफान स तबाह हुए म्यांमार मं सुनामी की तरह राहत कार्यक्रम नहीं चलाए जात हैं तो आन वाल सप्ताह मं मृतकों की संख्या 15 लाख क आंकड़े को छू सकती है। ‘ऑक्सफेम’ क पूर्वी एशिया क क्षत्रीय निदशक साराह इरिलैंड न कहा कि इस विनाशकारी तूफान का स्वास्थ्य आदि पर प्रभाव दखा जाए तो आन वाल समय मं मृतकों की संख्या 15 लाख तक पहुंच सकती है।ड्ढr रेडक्रास की नौका डूबी : म्यांमार में तूफान प्रभावितों के लिए राहत सामग्री ले जा रही रेडक्रास की एक नाव रविवार को डूब गई। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेडक्रास के मुताबिक यह दुर्घटना तूफान से सर्वाधिक प्रभावित इरावदी डेल्टा क्षेत्र में बोगाले शहर के समीप सुबह हुई।

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