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भारतीय महिलाओं का खिताबी चौका

एशिया में महिला क्रिकेट की बादशाहत भारत के नाम है। 2004 से शुरू हुआ एशिया कप हर बार भारत ने ही जीता। इस बार भी यही कहानी दोहराई गई। खास बात यह है कि चारों बार उसके सामने फाइनल में श्रीलंका की टीम थी। इस बार एशिया कप की मेजबानी श्रीलंका के पास थी तो उसे उम्मीद थी कि वह भारत की इस बादशाहत को खत्म कर देगा लेकिन एसा संभव न हो सका। भारत ने फाइनल में श्रीलंका 177 रन की करारी शिकस्त दी। इस तरह भारत लगातार चौथी बार महिला एशिया क्रिकेट का चैंपियन बना। भारत की ओर से आशा रावत ने सबसे ज्यादा रन बनाए। वे 3 रन से शतक बनाने से चूक गई। कप्तान मिताली राज ने 66 और रुमेली धर ने 50 रन का योगदान दिया।ो। भारत ने टास जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में सात विकेट पर 260 रन बनाए। भारत की सटीक गेंदबाजी आक्रमण ने श्रीलंका के होश उड़ा दिए। पूरी टीम 35.2 ओवरों में सिर्फ 83 रन बना कर आउट हो गई। सीमा और नीतू ने तीन-तीन विकेट लिए और रुमेली ने दो खिलाड़ियों को आउट किया। वेलागेडारा स्टेडियम में भारत की शुरुआत खराब रही। ओपनर जया शर्मा का विकेट सिर्फ चार रन के योग पर गिर गया। लेकिन उसके बाद आशा ने कारू जैन (28) के साथ 71 रन की साझेदारी कर टीम को संभाल लिया।ड्ढr आशा ने तीसरे विकेट के लिए मिताली के साथ रन की साझेदारी की। शशिकला श्रीवर्धने की गेंद पर चामिनी सेनीविरत्ना के हाथों कैच होने से पहले उन्होंने 114 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्के और 12 चौकों की मदद से रन बनाए। इसके बाद मिताली और रुमेली ने 82 रन की साझेदारी कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

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