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13 बाढ़ प्रभावित जिलों में अनाज बैंक खुलेंगे

गरीबों को कर्ज में गेहूं-चावल मिलने का रास्ता अब आसान होता दिख रहा है। राज्य के 13 बाढ़ प्रभावित जिलों में 415 ग्रेन बैंक (अनाज बैंक) खुलेंगे। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पूरी कार्ययोजना तैयार कर संबंधित जिलों को उनका ‘टारगेट’ भी सौंप दिया है। सबसे अधिक 50-50 बैंक दरभंगा और मधुबनी में खुलेंगे जबकि शिवहर में सबसे कम 16 बैंक खोले जाने हैं। बैंक उन्हीं गांवों में खुलेंगे जो आपदाग्रस्त, खाद्यान्न के अभाव अथवा जन वितरण प्रणाली के दायर से बाहर हों।ड्ढr ड्ढr मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी में 45-45, कटिहार में 35, पूर्वी व पश्चिम चम्पारण और सहरसा में 30-30, खगड़िया में 25, समस्तीपुर और भागलपुर में 20-20 जबकि सुपौल में 1ग्रेन बैंक खुलेंगे। संबंधित जिलों के डीएम को गांवों को चुनकर वहां बैंक खोलने का निर्देश दिया गया है। बैंक से संबंधित 10 प्रतिशत परिवार अनुसूचित जनजाति से जुड़े होने ही चाहिए। बीपीएल अथवा अंत्योदय परिवार के सदस्य जरूरत पड़ने पर अधिकतम एक क्िवंटल अनाज के लिए आवेदन देंगे। उन्हें एक वर्ष के भीतर अनाज एक ही बार या किस्तों में लौटाने की सुविधा होगी। बतौर गारंटी राशन कार्ड का नंबर देना होगा। अनाज नहीं लौटाने पर बीपीएल-अंत्योदय योजना में प्रति माह मिलने वाले अनाज को जब्त कर कर्ज की भरपाई होगी। बैंक का संचालन एक्जीक्यूटिव कमेटी करगी जिसमें एक महिला समेत 3-5 सदस्य होंगे। सूत्रों के अनुसार, बैंक का कारोबार 40 क्िवंटल अनाज के साथ शुरू होगा जो पहली बार मुफ्त दिया जाएगा। हरक ग्रेन बैंक को अनाज के भंडारण, बाट और तराजू के लिए 6000 रुपये, मॉनीटरिंग के लिए 3000 रुपये और अनाज की ढुलाई के लिए 3600 रुपए मिलेंगे।

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