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बूढ़े कांग्रेसी राहुल संग काम करने को बेताब

बूढ़े कांग्रसी भी राहुल गांधी के बैनर तले काम करने को बेताब हैं। बिहार में कांग्रेस संगठन की खस्ता हालत के बावजूद राहुल गांधी के साथ काम करने वाले पैरवी-पुत्रों की संख्या कम नहीं है। राहुल गांधी ऊर्जावान एवं अत्याधुनिक संचार सुविधाओं से अवगत वैसे युवा कांग्रसियों की फौज तैयार कर रहे हैं जो सीधा उनके निर्देशन में काम करं। उन्हीं के निर्देश पर राष्ट्रव्यापी ‘टैलेन्ट सर्च अभियान’ के तहत बिहार में 15 मई को 15 युवा कार्यकर्ताओं का चयन होना है। इसके लिए राहुल गांधी ने युवा कांग्रसी की अधिकतम उम्र सीमा 35 वर्ष तय की है। पर राहुल गांधी को देश के भावी प्रधानमंत्री के रूप में देख रहे प्रदेश के कांग्रसी अपने चहेतों की उम्र सीमा छुपाकर उनके साथ कर देने की हर जुगत भिड़ा रहे हैं। इसके लिए मैट्रिक परीक्षा के सर्टिफिकेट में दर्ज उम्र सीमा को प्रभावित करने की कोशिश भी की जा रही है।ड्ढr ड्ढr सबसे मुश्किल में है प्रदेश युवा कांग्रस संगठन जिसे साक्षात्कार में शामिल होने वालों की सूची तैयार करना है। प्रदेश अध्यक्ष तरुण कुमार युवा कांग्रसियों की सूची बना रहे हैं। कल तक उनसे बात नहीं करने वाले नेता भी अपने चहेते को साक्षात्कार में शामिल कराने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं । स्थिति यह हो गई है कि चयन होना है15 का और साक्षात्कार में शामिल होने वालों की सूची 100 पार कर गई है। प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में युवा कांग्रस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक तंवर द्वारा चुने गये 15 कार्यकर्ताओं में से पांच कार्यकर्ताओं का चयन राहुल गांधी खुद करंगे। केन्द्रीय चयन समिति में राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह, अशोक गहलौत, मुकुल वासनिक एवं बीके हरि प्रसाद, युवा एमपी जतिन प्रसाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट, दीपेद्र हुड्डा और मिलिन्द देवड़ा, एनएसयूआई अध्यक्ष नदीम जावेद और राहुल गांधी के साथ काम रह रहीं मीनाक्षी नटराजन और भंवर जीतेद्र सिंह शामिल हैं।

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