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नदियों के साथ छेड़छाड़ नहीं चलेगी

बिहार में नदियों के साथ छेड़छाड़ नहीं चलेगी। एक ओर राज्य के तटबंध की सुरक्षा खतर में है तो दूसरी ओर हर वर्ष आने वाली बाढ़ की वजह से हजारों लोगों का भविष्य ही दांव पर लग गया है। निर्माण एजेंसियों द्वारा नदियों के जल से की जा रही लगातार छेड़छाड़ से परशान राज्य सरकार अब इस पर रोक लगाएगी। जरूरी होने पर वह इस संबंध में कड़े निर्णय भी ले सकती है।ड्ढr ड्ढr सूबे में सड॥क निर्माण से लेकर विभिन्न रल परियोजनाओं के कारण नदियों और नहरों के जलप्रवाह की गति बदल रही है। ऐसे में तटबंधों की सुरक्षा बेतरह प्रभावित हो रही है। कई जगहों पर इसी वजह से तटबंध टूटे हैं या फिर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। सरकार इस मुद्दे पर काफी गंभीर है और निर्माण में जुटी एजेंसियों को समस्या पर मंथन के लिए आमंत्रित भी किया है। जल संसाधन विभाग ने नदियों की धारा में गड़बड़ी रोकने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। राज्य में विभिन्न स्थानों पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा सड॥क निर्माण किए जाने से विभिन्न नदियों एवं नहरों के जलस्रव पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।ड्ढr निर्माण की योजना में गड़बड़ी या फिर नदियों के प्रवाह से समन्वय नहीं रखने के कारण ऐसे निर्माण से उनकी धाराएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इससे कई जगहों पर पानी के प्रवाह की मात्रा भी काफी कम हो गई है तो कहीं बिगड़ गई है। इन सब कारणों से तटबंध ही खतर में है। इसी तरह कई जगहों पर रेल परियोजना के निर्माण के कारण तैयार संरचनाओं से भी नदियों का प्रवाह गड़बड़ा रहा है और तटबंधों से लेकर सड़क तक असुरक्षित हो गयी हैं। खगड़िया में एक रल संरचना से नदी के जलस्रव की गति बिगड़ी हुई है। केपी रमैया को मेंटल प्रॉब्लम : भासाड्ढr पटना हि.ब्यू.)। बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) ने कहा है कि मगध प्रमंडल के आयुक्त केपी रमैय्या को मेंटल प्राब्लम है। सरकार उनकी मानसिक स्थिति की जांच शीघ्र कराये। गया प्रमंडल के आयुक्त पद से श्री रमैय्या के शीघ्र स्थानांतरण का आग्रह करते हुए भासा ने यह भी कहा है कि ऐसे अधिकारी को किसी भी जिम्मेवार पद पर नहीं रखना चाहिए। भासा के अध्यक्ष डा. रामनगीना सिंह, सचिव डा. दिनेश्वर सिंह, संयोजक डा. अजय कुमार एवं संयुक्त सचिव कुमार अरुण ने कहा कि श्री रमैय्या ने जनता दरबार में गया के सिविल सर्जन डा. चन्द्रभूषण प्रसाद सिंह को निकम्मा कहा और गालियां देते हुए जबरन बाहर कर दिया। उन्होंने भद्दी-भद्दी बातें कहीं और ‘गेट आउट’ कहकर आम जनता के समक्ष जलील करते हुए सिविल सर्जन को बाहर किया। इस गंभीर मुद्दे को लेकर आईएमए और भासा की संयुक्त आपातकालीन बैठक गया में सोमवार को होगी। बैठक में सम्पूर्ण जिलों के डाक्टरों से परामर्श के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।ड्ढr उन्होंने कहा कि इसके पहले भी गया मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डाक्टरों के साथ श्री रमैय्या गलत जुबानी कर चुके हैं। डाक्टरों को अपमानित करना श्री रमैय्या की आदत में शुमार हो गया है।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि इसी हफ्ते छपरा जिले में डाक्टर के साथ र्दुव्‍यवहार किया गया । सरकार की गलत नीति के कारण आये दिन पूर राज्य में डाक्टर अपमानित हो रहे हैं पर सरकार उदासीन बनी हुई है। सरकार और डाक्टरों के बीच सहमति बन जाने के बावजूद ‘हेल्थ प्रोफेशनल प्रोटेक्शन एक्ट’ के तरफ सरकार कार्रवाई नहीं कर रही। 18 मई को भासा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में इन सार मुद्दों पर चर्चा होगी। खेतों में ‘ड्रिप इरिगेशन सिस्टम’ड्ढr पटना (हि. ब्यू.)। राज्य सरकार ‘ड्रिप इरिगेशन सिस्टम’ को खेतों में उतार देने का मन बना चुकी है। इसके लिए अधिकारियों के दल को जलगांव भेजा गया है। ये वहां इस सिस्टम की बारीकियों से अवगत होंगे और लौटकर किसानों को इससे अवगत कराएंगे। दूसर चरण में कुछ किसानों का चयन कर उन्हें भी जलगांव भेजने की योजना है। फिलवक्त जो अधिकारी प्रशिक्षण के लिए गये हैं उनमें 13 जिलों के आत्मा परियोजना निदेशक और इतनी ही संख्या में कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिक शामिल हैं। बामेति के निदेशक डा. आरके सोहाने ने बताया कि ये अधिकारी जलगांव प्रशिक्षण केन्द्र में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण में भाग लेंगे। वहां इनको ‘ड्रिप इरिगेशन सिस्टम’ के बार में विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जायेगी। श्री सोहाने ने बताया कि ‘ड्रिप इरिगेशन सिस्टम’ राज्य के उन किसानों के लिए वरदान है जो बागवानी करते हैं। रनफेड और जल की कमी वाले क्षेत्रों में भी यह सिस्टम किसानों के लिए मददगार साबित होगा। इस विधि से सिंचाई करने पर किसानों को पैसा कम खर्च करना पड़ता है तो पानी की भी बचत होती है। उन्होंने कहा कि दूसर चरण में उन किसानों को वहां भेजा जायेगा जो इस विधि से सिंचाई करने में रुचि रखते हैं। सरकार वैसे किसानों को सिस्टम उपलब्ध कराने के लिए अनुदान भी दे रही है।

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