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आठ जिलों में बाढ़प्रूफ शौचालय बनाए जाएंगे

राज्य के आठ बाढ़ग्रस्त जिलों में प्रयोग के तौर पर पहली बार बाढ़प्रूफ शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) और यूनिसेफ ने उठाई है। एक शौचालय के निर्माण पर साढ़े चार से पांच हाार रुपये के बीच खर्च आएगा। इसके लिए इन बाढ़ग्रस्त जिलों के राजमिस्त्रियों की दो दिनों की कार्यशाला शनिवार को समाप्त हुई। इसमें राजमिस्त्रियों के साथ स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों और आपदा प्रबंधन के विशेषज्ञों ने यह पता करने की कोशिश की कि इन शौचालयों का निर्माण कम से कम लागत पर कैसे किया जा सकता है।ड्ढr ड्ढr बिपार्ड के आपदा प्रबंधन केन्द्र के समन्वयक संजय पाण्डेय ने बताया कि पहले चरण में मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, समस्तीपुर, खगड़िया, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी और पूर्वी चम्पारण के बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में ये शौचालय बनाए जाएंगे। बिहार सरकार और केन्द्र सरकार दिलचस्पी लेगी तो फिर इन्हें दूसर जिलों में भी लागू किया जाएगा। अब तक जो शौचालय बाढ़ग्रस्त जिलों में बनते हैं वे बाढ़ आते ही ध्वस्त हो जाते हैं। अब इस शौचालय को विकल्प के रूप में इन जिलों में बनवाया जा रहा है। इन शौचालयों में इस तरह की तकनीक होगी कि इसमें जमा होने वाले मल-मूत्र का आसानी से खाद और यूरिया के रूप में प्रयोग भी हो जाए।

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