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दारोगा और जवान शहीद

हाारीबाग के चरही थाना अंतर्गत दाहुदाग जंगल में नक्सलियों के जमे होने की सूचना पर रविवार सुबह छापा मारने गयी पुलिस उनके घेर में फंस गयी। उनके हमले में चरही ओपी के दारोगा विजयकांत ठाकुर और सीआरपीएफ के जवान प्रशांत पाटिल की मौत हो गयी। पुलिस के तीन अन्य जवान भी इस हमले में घायल हैं। पहले से मोर्चा ले रखे नक्सलियों ने पुलिस-सीआरपीएफ पर गोलियों की बौछार कर दी।ड्ढr पुलिस ने भी जवाब में फायरिंग की, पर पहले से ‘सेफ’ मोर्चा लिये नक्सलियों को नुकसान नहीं हुआ। गोलीबारी में फंस गांव की दो बच्चियां नौ वर्षीय संजू और 8 वर्ष की मंजू कुमारी भी घायल हो गयीं। मार गये दारोगा विजयकांत मूलरूप से पूर्णिया के निवासी थे। उनकी पत्नी मंजू ठाकुर भी हाारीबाग के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में सबइंस्पेक्टर है। सीआरपीएफ जवान प्रशांत पाटिल महाराष्ट्र के निवासी थे।ड्ढr बड़कागांव और चरही सीमा स्थित दाहुदाग में नक्सलियों के होने की सूचना हाारीबाग के एसपी को मिली थी। इसपर उन्होंने पुलिस की दो टीमें बनाकर इलाके में छापामारी का निर्देश दिया था। पहली टीम दारोगा विजयकांत ठाकुर की अगुवाई में सुबह 10 बजे दाहूदाग पहुंची। टीम में जप-सीआरपी के 25 जवान थे। पुलिस की टीम जैसे ही दाहूदाग में उरांव टोला के नजदीक पहुंची, नक्सलियों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई करते हुए सीआरपीएफ, जैप और जिला बल के जवानों ने भी अंधाधुंध फायरिंग की। मोटर लांचर भी छोड़े गये। गोलीबारी से पूरा इलाका दो घंटे तक गूंजता रहा। गांव वाले अपने घरों में दुबक गये थे। जो बाहर काम कर रहे थे, वे इधर-उधर भाग गये। घटना की सूचना मिलने पर हजारीबाग के एसपी प्रवीण कुमार सिंह लगभग साढ़े ग्यारह बजे मौके पर पहुंचे। शहीद पुलिसकर्मियों को आरक्षी केंद्र ले जाया गया, जबकि घायल तीनों जवानों को इलाज के लिए पहले हजारीबाग, उसके बाद अपोलो अस्पताल ले जाया गया।ड्ढr हेलीकॉप्टर नहीं आने से बिफर जवानड्ढr घायल जवानों को इलाज के लिए रांची ले जाने के लिए हेलीकॉप्टर नहीं भेजे जाने पर जवानों का गुस्सा फूट पड़ा। यहां पुलिस लाइन में इसे लेकर पुलिस एसोसिएशन के सदस्यों की वरीय अधिकारियों के साथ नोंकझोंक भी हुई। एसोसिएशन का कहना था कि उग्रवाद से लड़ने के लिये पुलिस विभाग को हेलीकॉप्टर दिया गया है, लेकिन इसका उपयोग मंत्री कर रहे हैं। एक आइपीएस अधिकारी के सिर्फ कान में छर्रा लगने पर हेलीकॉप्टर आ जाता है जबकि एक दारोगा की जान तड़प-तड़प कर चली जाती है। घायल पड़े पुलिस अधिकारी को अगर मौके पर इलाज के लिये ले जाया गया होता तो शायद उनकी जान बच जाती। एसोसिएशन के लोगों ने डीआइजी और एसपी को जमकर खरीखोटी सुनायी। इस बीच खबर है कि हेलीकॉप्टर खराब है। वह उढ़ान भरने की स्थिति में नहीं है। इसकी खराबी दूर करने में दो-तीन दिन का समय और लग सकता है।ड्ढr मुआवजे का एलानड्ढr उधर, राज्य सरकार ने घोषणा की है कि चरही थाना प्रभारी परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा और 11 लाख रुपया इंश्योरंस का अलग से मिलेगा। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और अन्य देय सुविधाएं दी जायेंगी।चरही में नक्सलियों को घेरने गयी पुलिस खुद घिरीड्ढr

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  • Web Title: दारोगा और जवान शहीद